ट्रंप की ईरान को फिर बड़ी चेतावनी: 'जल्द हरकत में आओ, वरना कुछ नहीं बचेगा', परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव

Edited By Updated: 17 May, 2026 10:55 PM

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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर चल रहा गतिरोध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक का सबसे कड़ा अल्टीमेटम देते हुए साफ कह दिया है कि यदि उसने जल्द ही कड़े फैसले नहीं लिए,...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर चल रहा गतिरोध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक का सबसे कड़ा अल्टीमेटम देते हुए साफ कह दिया है कि यदि उसने जल्द ही कड़े फैसले नहीं लिए, तो उसका नामो-निशान मिटा दिया जाएगा।

'घड़ी टिक-टिक कर रही है' राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को सीधे तौर पर ललकारते हुए लिखा, "ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है और उन्हें बहुत तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा। समय बहुत कीमती है!"। ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई है जब मध्य पूर्व में महीनों के संघर्ष के बाद यूरेनियम भंडार, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध के मुआवजे को लेकर बातचीत पूरी तरह ठप पड़ी है।

अमेरिका ने रखीं ये सख्त शर्तें: ईरानी मीडिया (फार्स न्यूज एजेंसी) के अनुसार, अमेरिका ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए ईरान के सामने कुछ मुख्य शर्तें रखी हैं:

  • ईरान को अपना 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) सरेंडर करना होगा।
  • ईरान को केवल एक ही परमाणु केंद्र संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
  • युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए अमेरिका की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

ईरान ने ठुकराया प्रस्ताव, रखी अपनी मांगें: ईरान ने अमेरिका की इन शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है और बातचीत के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं।
  • अमेरिका द्वारा रोकी गई (Frozen) संपत्ति को तुरंत मुक्त किया जाए।
  • युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाए।
  • हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के अधिकार को मान्यता दी जाए।

पाकिस्तान की मध्यस्थता भी नहीं आई काम गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए ईरान, इजरायल और अमेरिका समर्थित ताकतों के बीच युद्धविराम हुआ था। इसके बावजूद, ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर युद्ध की आहट तेज कर दी है।

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