Edited By Tanuja,Updated: 23 Mar, 2026 08:09 PM

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत सरकार ने बताया कि इजरायल में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। हालांकि पूरे क्षेत्र में अब तक 6 भारतीयों की मौत, एक घायल और एक लापता है। सरकार लगातार निगरानी, बचाव और वापसी अभियान चला रही है, जबकि हजारों लोग सुरक्षित भारत लौट...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच Ministry of External Affairs ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, Israel में मौजूद सभी भारतीय नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि एक भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर सामने आई थी, लेकिन अब वह भी सुरक्षित है और भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि पूरे पश्चिम एशिया में हालात गंभीर बने हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक अब तक इस संघर्ष में 6 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल और एक अब भी लापता है। ये घटनाएं अलग-अलग देशों में हुई हैं, जिससे यह साफ है कि खतरा पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है। इससे पहले Riyadh में मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी। विदेश मंत्रालय के अधिकारी Aseem Mahajan ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के संपर्क में है और शव को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा ओमान, यूएई और इराक जैसे देशों में भी कई भारतीय कामगार और नाविक घायल हुए हैं। खास तौर पर समुद्री हमलों में भारतीय नाविकों को नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। सरकार ने बताया कि हाल ही में एक अमेरिकी तेल टैंकर “Safesea Vishnu” पर हमले के बाद उसके 15 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित भारत लाने की तैयारी की जा रही है। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत भी हुई थी, जिसका शव वापस लाने की कोशिश जारी है।
भारत सरकार इस पूरे संकट में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रही है। अब तक करीब 3 लाख भारतीय पश्चिम एशिया से वापस लौट चुके हैं। इसके अलावा Iran से भी 913 भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से कई लोग भारत लौट चुके हैं। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी कारण भारत लगातार क्षेत्र के देशों के साथ संपर्क में है और हालात पर नजर बनाए हुए है।