Edited By Radhika,Updated: 14 Mar, 2026 12:00 PM

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में अमेरिका के पांच 'रिफ्यूलिंग' (ईंधन भरने वाले) विमान...
इंटरनेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में अमेरिका के पांच 'रिफ्यूलिंग' (ईंधन भरने वाले) विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उनकी मरम्मत की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई।
इराक में हवा में टकराए विमान
बीते दिन भी पश्चिमी इराक के आसमान में ईंधन भरने वाले दो KC-135 विमानों के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में एक विमान क्रैश हो गया, जिससे उसमें सवार सभी 6 अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौत हो गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा है कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले या 'फ्रेंडली फायर' का परिणाम नहीं था, बल्कि एक दुर्घटना थी। दूसरा विमान सुरक्षित उतरने में कामयाब रहा।
रक्षा मंत्री ने दिया बयान
पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने इराक हादसे पर दुख जताते हुए कहा, "युद्ध नरक और अराजकता का नाम है। कभी-कभी ऐसी दुखद दुर्घटनाएं हो जाती हैं।" गौरतलब है कि बोइंग द्वारा निर्मित KC-135 विमान अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं, जो लड़ाकू विमानों को बिना उतरे लंबी दूरी तय करने में मदद करते हैं।
150 से ज्यादा सैनिक हुए घायल
इराकी रेजिस्टेंस गुटों ने विमान को मार गिराने का दावा किया है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और लगभग 150 सैनिक घायल हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही आगाह किया था कि ईरान के पलटवार के कारण अमेरिकी सैन्य क्षति बढ़ सकती है।