Edited By Pardeep,Updated: 27 Sep, 2026 12:15 AM

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण ने देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को फिर से साबित किया है तथा इससे जुड़ी सभी...
नई दिल्लीः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण ने देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को फिर से साबित किया है तथा इससे जुड़ी सभी गलतफहमियों को दूर कर दिया है।
नायडू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसले ''सामूहिक रूप से'' और स्थापित संस्थागत प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए लिए जाते हैं। नायडू की तेदेपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रमुख घटक दलों में से एक है। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) अध्यक्ष ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ''अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था या चुनावी प्रक्रियाओं में वैश्विक विश्वास को कमजोर करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।''
नायडू ने कहा, ''चुनावी नतीजे जनादेश को दर्शाते हैं। एक मजबूत लोकतंत्र में नेतृत्व का मतलब जीत और हार, दोनों को गरिमा और विनम्रता के साथ स्वीकार करना भी है।'' उन्होंने कहा, ''हमारी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि है। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखना सभी नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।''
नायडू की यह टिप्पणी शनिवार को निर्वाचन आयोग के उस बयान के बाद आई, जिसमें आयोग ने कहा था कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।