अमित शाह ने CAA पर राहुल गांधी को घेरा, कहा- सबूत दे अगर इससे देश के किसी भी मुसलमान की नागरिकता गई हो

Edited By Updated: 10 Apr, 2025 04:48 PM

amit shah cornered rahul gandhi on caa

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'राइजिंग भारत 2025' कार्यक्रम में राहुल गांधी को खुला चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू किया जा रहा था। तब कांग्रेस और राहुल गांधी पूरे देश में यह अफवाह फैला रहे थे कि इससे मुसलमानों...

नेशनल डेस्क. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'राइजिंग भारत 2025' कार्यक्रम में राहुल गांधी को खुला चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू किया जा रहा था। तब कांग्रेस और राहुल गांधी पूरे देश में यह अफवाह फैला रहे थे कि इससे मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी। अब करीब दो साल बाद सीएए लागू हो चुका है और अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछा कि क्या वे इस बात का कोई सबूत दे सकते हैं कि सीएए के लागू होने से देश के किसी भी मुसलमान की नागरिकता गई हो।

अमित शाह ने यह भी कहा कि उस समय कांग्रेस और राहुल गांधी ने सीएए के खिलाफ मुसलमानों को भड़काया, जिससे देश में कई जगहों पर हिंसा का माहौल बन गया। उनका कहना था कि कांग्रेस ने यह सब वोट बैंक की राजनीति के लिए किया और हिंसा के लिए मुख्य रूप से कांग्रेस जिम्मेदार है।

इसके बाद अमित शाह ने खासकर युवाओं से अपील की कि वे तुष्टिकरण की राजनीति को सहन न करें, क्योंकि यह देश के लिए एक खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह एक जहरीला नासूर है, जिसे देश से हमेशा के लिए समाप्त कर देना चाहिए।

अमित शाह ने वक्फ कानून पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज में गरीब और ओबीसी है उनको वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि शिया, आगाखानी, दाऊदी बोहरा, महमदिया और अहमदिया जैसे मुस्लिम समुदायों का वक्फ में प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है। उनके अनुसार, वक्फ का बिल मुस्लिम समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है और यह सभी मुस्लिम समुदायों के हित में है।

पश्चिम बंगाल के चुनावों पर अमित शाह ने कहा कि वह बंगाल की जनता से अपील करते हैं कि वे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएं, क्योंकि ऐसा करने से घुसपैठियों की समस्या खत्म हो जाएगी। बॉर्डर पर फेंसिंग का काम पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। लगभग 250 किमी सीमा पर ऐसी भौगोलिक परिस्थितियां हैं, जैसे नदी और नाले, जहां फेंसिंग लगाना संभव नहीं है। इसके अलावा बंगाल सरकार 400 किमी बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा रही है। शाह ने यह भी बताया कि चाहे वे रोहिंग्या हों या बांग्लादेशी उनके वोटर कार्ड पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से बन रहे हैं।
 

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