होर्मुज मुद्दे पर अमेरिका पड़ा अकेला: सऊदी ने दिया जबरदस्त झटका, ट्रंप को 36 घंटे बाद ही रोकना पड़ा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’

Edited By Updated: 07 May, 2026 11:05 AM

project freedom halted after saudi arabia suspended us use of its military bases

अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अचानक रोकने के पीछे बड़ा कारण सऊदी अरब की नाराजगी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिससे ट्रंप को अभियान रोकना पड़ा।

International Desk:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ अचानक रोक दिए जाने के पीछे अब बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र के सबसे अहम सहयोगी सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यही ट्रंप के पीछे हटने की सबसे बड़ी वजह बनी। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने रविवार को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की घोषणा की थी, जिसका मकसद ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई नाकेबंदी को तोड़ना था। लेकिन ऑपरेशन शुरू होने के करीब 36 घंटे बाद ही ट्रंप ने इसे रोकने का ऐलान कर दिया।

 

दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ट्रंप की इस घोषणा से सऊदी अरब नाराज हो गया था। सऊदी नेतृत्व ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया कि वह अमेरिकी सेना को प्रिंस सुल्तान एयरबेस से विमान उड़ाने की अनुमति नहीं देगा। यही वह एयरबेस है जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान निशाना बनाया था। इतना ही नहीं, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया। बताया गया कि ट्रंप ने खुद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद अमेरिका को ऑपरेशन रोकना पड़ा। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल सऊदी ही नहीं, बल्कि खाड़ी के अन्य अमेरिकी सहयोगी देश भी ट्रंप की अचानक घोषणा से हैरान थे।

 

अमेरिका ने कतर और ओमान जैसे देशों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां भी पहले से कोई स्पष्ट तालमेल नहीं था। ओमान के एक राजनयिक ने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ऑपरेशन की घोषणा की और बाद में संपर्क किया। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। सऊदी अरब इन कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन कर रहा है और क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव से बचना चाहता है।

 

हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि क्षेत्रीय सहयोगियों को पहले ही जानकारी दे दी गई थी, लेकिन रिपोर्टें बताती हैं कि खाड़ी देशों में इस फैसले को लेकर असहजता थी। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान दो अमेरिकी विध्वंसक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके फारस की खाड़ी में पहुंचे थे। अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने उन पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने उसे नाकाम कर दिया। ट्रंप के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया में किसी बड़े सैन्य अभियान के लिए अमेरिका को अब अपने पारंपरिक सहयोगियों का पहले जैसा खुला समर्थन नहीं मिल रहा है।
 
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!