Edited By Tanuja,Updated: 07 May, 2026 01:41 PM

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा समझौता होने की खबर सामने आई है। दोनों देशों ने नौसैनिक नाकेबंदी में ढील देने और होर्मुज को धीरे-धीरे खोलने पर सहमति बनाई है। ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” अस्थायी रूप से रोका है, जिससे वैश्विक तेल...
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद अब एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रगति की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को नरम करने और जलमार्ग को धीरे-धीरे फिर से खोलने पर सहमति बनाई है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भारी दबाव बना हुआ था और दुनिया भर के तेल टैंकर होर्मुज संकट से प्रभावित हो रहे थे।
“प्रोजेक्ट फ्रीडम” पर अस्थायी रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक दिन पहले ही “Project Freedom” को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की थी। यह मिशन अमेरिकी सैन्य समर्थन वाला अभियान था, जिसका उद्देश्य होर्मुज में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना था। ट्रंप ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में “बहुत अच्छी प्रगति” हुई है और अब दोनों देश एक “पूर्ण और अंतिम समझौते” के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाकेबंदी पूरी तरह खत्म नहीं की गई है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
फंसे जहाजों को मिल सकती राहत
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में रुकावट पैदा किए जाने के बाद दुनिया भर में तेल कीमतों और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कई जहाज रास्ते में फंस गए थे और बीमा लागत भी तेजी से बढ़ गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले घंटों में होर्मुज में फंसे जहाजों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति के तहत नौसैनिक प्रतिबंधों में क्रमिक ढील दी जाएगी। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों, तेल बाजार और खाड़ी क्षेत्र के व्यापारिक मार्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
युद्धविराम की दिशा में बड़ा संकेत
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह समझौता केवल समुद्री मार्ग खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते की शुरुआत भी हो सकता है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव को लेकर भी बातचीत जारी है। हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और क्षेत्र में सैन्य तनाव बना हुआ है, लेकिन “प्रोजेक्ट फ्रीडम” पर रोक और होर्मुज को खोलने की दिशा में सहमति को पश्चिम एशिया संकट में पहली बड़ी सकारात्मक प्रगति माना जा रहा है।