Edited By Tanuja,Updated: 07 May, 2026 02:45 PM

पश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले सप्ताह भारत आ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह 14-15 मई को होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। ईरान चाहता है कि भारत की अध्यक्षता में BRICS क्षेत्रीय तनाव और...
International Desk: ईरान के विदेश मंत्री अराघची अब्बास अराघची अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी विदेश मंत्री 14-15 मई को नई दिल्ली में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक ईरान BRICS को केवल आर्थिक मंच नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक और रणनीतिक ताकत के रूप में देख रहा है।
तेहरान चाहता है कि भारत की अध्यक्षता में BRICS पश्चिम एशिया संकट को शांत करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में “रचनात्मक भूमिका” निभाए। रिपोर्ट के अनुसार अराघची ने मार्च में भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर (Subrahmanyam Jaishankar) से बातचीत के दौरान भी BRICS की भूमिका पर जोर दिया था। ईरान ने कहा था कि मौजूदा हालात में BRICS जैसे मंच क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इसी साल नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संकट के इस दौर में ईरान का भारत से संपर्क बढ़ाना इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली अब पश्चिम एशिया और वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में देखी जा रही है। ईरान पहले भी BRICS को पश्चिमी देशों के प्रभाव के विकल्प के रूप में मजबूत करने की बात करता रहा है। अब BRICS के विस्तारित ढांचे में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी शामिल हैं, जिनसे ईरान के रिश्ते हाल के तनावों के कारण चर्चा में रहे हैं। ऐसे में अराघची का संभावित भारत दौरा केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीति और BRICS की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का भी संकेत माना जा रहा है।