Edited By Pardeep,Updated: 13 Jul, 2026 10:58 PM

कड़कड़डूमा कोर्ट ने आज 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आई.बी. अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम एवं क्रूर हत्या के मामले में तत्कालीन आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया है। यह फैसला न्याय की दृष्टि से अत्यंत...
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों के दौरान आई.बी. (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन सहित अन्य आरोपियों को इस क्रूर हत्या का दोषी ठहराया है। इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मनोज तिवारी ने इसे न्याय की एक महत्वपूर्ण जीत बताया है।
न्याय की हुई जीत, परिवार को मिला सुकून
सांसद मनोज तिवारी द्वारा जारी एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, अंकित शर्मा की हत्या अत्यंत क्रूरता के साथ की गई थी, जिससे उनके परिवार को अपूरणीय क्षति हुई। लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले पर तिवारी ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति ऊपर नहीं है। उन्होंने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि कानून का शासन एक बार फिर स्थापित हुआ है।
दोषियों के बचाव पक्ष पर साधा निशाना
तिवारी ने अपने बयान में ताहिर हुसैन के पिछले रवैये पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ताहिर हुसैन पहले अहंकारपूर्ण रवैया अपनाते थे और कुछ तत्व उन्हें पीड़ित दिखाने की कोशिश में लगे हुए थे। ताहिर हुसैन पर हत्या और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोप थे, जो अब कोर्ट में सिद्ध हो चुके हैं।
आत्ममंथन की जरूरत
मनोज तिवारी ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया जो घटना के समय ताहिर हुसैन का बचाव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अब गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए। तिवारी ने उम्मीद जताई कि इस फैसले से पीड़ित परिवार को जल्द ही पूर्ण न्याय मिलेगा और अंततः न्याय की ही विजय होगी।