Edited By Tanuja,Updated: 06 Jul, 2026 07:26 PM

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के उस बयान से असहमति जताई, जिसमें अमेरिका को इजरायल का एकमात्र प्रमुख सहयोगी बताया गया था। नेतन्याहू ने कहा कि भारत सहित कई देश इजरायल का समर्थन करते हैं और दोनों देशों के...
International Desk: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान से असहमति जताई है, जिसमें वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही इजरायल का एकमात्र प्रभावशाली सहयोगी है। एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को अमेरिका के अलावा भारत सहित कई अन्य देशों का भी समर्थन प्राप्त है और उसके वैश्विक सहयोगियों का दायरा कहीं अधिक व्यापक है। नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान भारत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भारत से व्यापक समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में भारतीय उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल के कई मित्र देश हैं, जो सुरक्षा, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उसके साथ सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
क्या था J.D. Vance का बयान?
पिछले महीने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान J.D. Vance ने कहा था कि यदि वह इजरायल की कैबिनेट में होते, तो वह अपने "एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी" अमेरिका की सार्वजनिक आलोचना नहीं करते। यह टिप्पणी अमेरिका-ईरान वार्ता और लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर सामने आई रिपोर्टों के संदर्भ में की गई थी।
नेतन्याहू ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया के कई नेता उनसे संपर्क करते हैं और रक्षा, सैन्य रणनीति, साइबर सुरक्षा तथा AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा जताते हैं।उन्होंने कहा कि इजरायल साइबर सुरक्षा क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और उसकी तकनीकी विशेषज्ञता के कारण कई देश उसके साथ साझेदारी करना चाहते हैं।
बढ़ते भारत-इजरायल संबंध
हाल के वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के संबंध रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं और उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद भी नियमित रूप से जारी है।