Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 07 Mar, 2026 06:38 PM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। Israel, United States और Iran के बीच जारी संघर्ष अब दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है।
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। Israel, United States और Iran के बीच जारी संघर्ष अब दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सैकड़ों लोगों की जान जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर भारत से शांति स्थापना के लिए पहल करने की अपील की है।
युद्ध में बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि विभिन्न देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, खासकर महिलाओं और बच्चों पर। उन्होंने लिखा कि युद्ध की खबरें बेहद दर्दनाक हैं और कई निर्दोष परिवार इसकी चपेट में आ रहे हैं।
भारत की शांति परंपरा का दिया हवाला
अन्ना हजारे ने अपने संदेश में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि देश हमेशा से अहिंसा और संवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को हथियारों और युद्ध की नहीं, बल्कि विश्वास, बातचीत और समझौते की जरूरत है। उनके अनुसार युद्ध केवल विनाश लाता है, जबकि संवाद से स्थायी समाधान निकल सकता है।
पीएम मोदी से शांति पहल की अपील
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि भारत तटस्थ रहते हुए वैश्विक शांति के लिए पहल करे। उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और कई मुद्दों पर देश ने सकारात्मक योगदान दिया है। ऐसे में अगर भारत शांति और मानवता के पक्ष में आगे आएगा तो यह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
रिपोर्टों के मुताबिक हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के कई शीर्ष नेताओं और सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबरें आई थीं। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले तेज कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजराइल के प्रमुख शहरों, जिनमें तेल अवीव भी शामिल है, पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे समय में दुनिया की नजर भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक और तटस्थ देश की भूमिका पर भी टिकी हुई है।