पाकिस्तान-तुर्की की तरफ बढ़ रहा बांग्लादेश, मक्का समझौते पर भारत की पैनी नजर

Edited By Updated: 22 Aug, 2026 02:56 PM

bangladesh keen to join saudi pak turkey defence alliance says pm s top aide

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के बयान के बाद मक्का समझौते में ढाका की संभावित भागीदारी को लेकर चर्चा तेज है। भारत ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर नजर रख रहा है। विशेषज्ञों ने बांग्लादेश को ऐसे रक्षा गठबंधनों के...

Dhaka: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जारी खींचतान के बीच अब मक्का समझौता एक नया विवादित मुद्दा बनता दिख रहा है। बांग्लादेश की ओर से सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की से जुड़े आर्थिक या रक्षा सहयोग के ढांचे में शामिल होने को लेकर सकारात्मक रुख की खबरों ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, ढाका ने औपचारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि वह मक्का समझौते में शामिल होने जा रहा है। भारत ने भी फिलहाल बेहद नपा-तुला जवाब देते हुए कहा है कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।

 

क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि ढाका सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के साथ किसी आर्थिक या रक्षा सहयोग के ढांचे को लेकर सकारात्मक सोच रखता है। इसी बयान को भारतीय मीडिया में मक्का समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है। मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते में तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने की स्थिति को सामूहिक सुरक्षा के नजरिए से देखने की बात कही गई है। ऐसे में अगर बांग्लादेश भविष्य में इस ढांचे के करीब आता है तो दक्षिण एशिया की रणनीतिक तस्वीर पर इसका असर पड़ सकता है।

 

भारत ने क्या कहा?
बांग्लादेश के संभावित रुख पर भारत के विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। भारत की ओर से फिलहाल बांग्लादेश के मक्का समझौते में शामिल होने की किसी औपचारिक पुष्टि पर टिप्पणी नहीं की गई है। बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने इस तरह के किसी रक्षा ढांचे में शामिल होने को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है। उनका तर्क है कि बांग्लादेश की प्राथमिकताएं आर्थिक विकास, व्यापार, क्षेत्रीय स्थिरता और संतुलित विदेश नीति हैं। उनके मुताबिक, किसी सामूहिक रक्षा व्यवस्था में शामिल होने से बांग्लादेश ऐसे क्षेत्रीय संघर्षों में फंस सकता है जिनका सीधे तौर पर उसके राष्ट्रीय हितों से संबंध नहीं है।

 

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर सऊदी अरब इस व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है तो बांग्लादेश को इसके बदले निवेश, रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा जैसे ठोस लाभ क्या मिलेंगे। बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों की लंबी सीमा है और व्यापार, ऊर्जा, परिवहन तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के कई मुद्दे सीधे एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे समय में अगर ढाका पाकिस्तान और तुर्की के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करता है तो भारत इसे केवल पश्चिम एशिया की कूटनीति के रूप में नहीं देखेगा। इसका असर दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, मक्का समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने की अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित रणनीतिक विकल्प के तौर पर ही देखना उचित होगा।

 

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में पहले से तनाव
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नई दिल्ली और ढाका के संबंध पहले से कई मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण हैं। बांग्लादेश की नई सरकार भारत से संबंधों में बराबरी और आपसी सम्मान पर जोर दे रही है, जबकि भारत भी ढाका के रुख और उसकी पाकिस्तान-तुर्की के साथ बढ़ती नजदीकी पर नजर रख रहा है।
इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच बड़ा विवाद बना हुआ है। वहीं, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।

 

उनकी भारत यात्रा को लेकर अभी पूरी तरह स्थिति स्पष्ट नहीं है। मक्का समझौते को लेकर सामने आया बयान अभी किसी अंतिम फैसले का संकेत नहीं है। लेकिन अगर बांग्लादेश वास्तव में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के किसी व्यापक रक्षा ढांचे के करीब जाता है, तो यह उसके पारंपरिक संतुलित विदेश नीति रुख में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है। फिलहाल गेंद ढाका के पाले में है क्या वह भारत के साथ रिश्तों में संतुलन बनाए रखेगा या पाकिस्तान-तुर्की-सऊदी के नए रणनीतिक समीकरण के करीब जाएगा, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर है।
  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!