पाकिस्तान में सख्त लॉकडाऊन घबराया; इस्लामाबाद की किलेबंदी, सार्वजनिक सभाओं पर 2 महीने की पाबंदी

Edited By Updated: 24 Sep, 2026 06:58 PM

islamabad under lockdown ahead of march planned by imran khan s party

इमरान खान की पार्टी पीटीआई के 27 सितंबर के इस्लामाबाद मार्च से पहले पाकिस्तान प्रशासन ने राजधानी में दो महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। पांच या अधिक लोगों के जुटने, रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक है। पंजाब में भी प्रतिबंध लगाए गए हैं और कुछ...

Islamabad: जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रस्तावित मार्च से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने पूरे शहर में दो महीने के लिए सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है। राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र भी इस पाबंदी के दायरे में हैं। इस्लामाबाद प्रशासन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत राजधानी में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, रैली और प्रदर्शन पर रोक रहेगी। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनम फातिमा की ओर से 18 सितंबर को जारी आदेश के मुताबिक यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किया गया और दो महीने तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने कहा है कि शांतिपूर्ण सभा और सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम, 2024 के तहत भी सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब इमरान खान की पार्टी पीटीआई 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च निकालने की तैयारी कर रही है। पार्टी की प्रमुख मांग जेल में बंद अपने संस्थापक इमरान खान की रिहाई है। इमरान खान 2023 से अलग-अलग मामलों में जेल में हैं। पीटीआई नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन में संविधान की सर्वोच्चता और कानून के शासन का मुद्दा भी उठाया जाएगा। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने सोमवार को कहा था कि पार्टी 25 सितंबर को प्रदर्शन की विस्तृत योजना घोषित करेगी और देशभर से कार्यकर्ताओं को जुटाया जाएगा। सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में रेंजर्स की तैनाती की मांग की है। अधिकारियों ने 27 सितंबर को रावलपिंडी और अटक के कुछ इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

 
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 14 सितंबर को कहा था कि कोई भी राजनीतिक दल या सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति राजधानी की सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकता।  अदालत ने यह भी कहा था कि राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए सरकारी कर्मचारियों या सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।  पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी पीटीआई नेताओं से प्रस्तावित मार्च पर पुनर्विचार करने की अपील की है।इसी बीच किसान इत्तेहाद नामक किसानों के संगठन ने भी अपनी मांगों को लेकर इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है। किसानों की मांगों में बढ़ती कृषि लागत से राहत समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं।  

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