महंगे पेट्रोल-डीजल से परेशान पाकिस्तान ने उठाए कड़े कदम, सरकारी खर्च में कटौती का ऐलान

Edited By Updated: 19 Sep, 2026 10:55 AM

pakistan announces fresh austerity measures amid gulf conflict

खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण पाकिस्तान के सामने गैस और बिजली की कमी का खतरा भी बढ़ गया है। संघर्ष की वजह से एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है।

इस्लामाबाद। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचाने और सरकारी खर्च कम करने के लिए कई मितव्ययिता उपायों का ऐलान किया है। सरकार ने सरकारी वाहनों के लिए ईंधन की खपत कम करने, नई गाड़ियां खरीदने पर रोक लगाने और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने जैसे फैसले किए हैं। सरकार ने सरकारी डिनर और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा बैठकों के लिए आमने-सामने की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

सरकारी खरीद पर भी रोक

पाकिस्तान सरकार ने आईटी से जुड़ी खरीद को छोड़कर सभी तरह के टिकाऊ सामान की सरकारी खरीद पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य ईंधन की बचत करना और मौजूदा हालात में सरकारी खर्च को नियंत्रित करना है। पाकिस्तान में इस साल दूसरी बार इस तरह के मितव्ययिता उपाय लागू किए गए हैं। इससे पहले मार्च में भी सरकार ने इसी तरह के कदम उठाए थे। उस समय स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद किया गया था और सरकारी विभागों में ईंधन की खपत कम करने के साथ कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा घर से काम करने के लिए कहा गया था।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ी परेशानी

खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण पाकिस्तान के सामने गैस और बिजली की कमी का खतरा भी बढ़ गया है। संघर्ष की वजह से एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। सरकार ने बुधवार से एक नई सब्सिडी योजना भी शुरू की है। इसके तहत मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कारों के मालिकों को तय मासिक सीमा के भीतर ईंधन पर 100 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है। इसका उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों का आम लोगों पर पड़ने वाला असर कम करना है।

खाड़ी संकट का असर सप्लाई पर

ईंधन संकट के पीछे खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को बड़ी वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती समूह के बीच जारी लड़ाई से लाल सागर के रास्ते होने वाला व्यापार भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इन परिस्थितियों के चलते पाकिस्तान को ईंधन आपूर्ति और कीमतों दोनों को लेकर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा उठाए गए नए कदमों का मुख्य उद्देश्य ईंधन की खपत घटाना और सरकारी खर्च को नियंत्रित करना है।

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