बस्तर में नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील! अमित शाह के दौरे से पहले 51 नक्सलियों का सरेंडर, करोड़ों का था इनाम

Edited By Updated: 07 Feb, 2026 10:13 PM

bastar naxal surrender

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल विरोधी रणनीति को बड़ी सफलता मिली है। 7 फरवरी 2026 को बीजापुर और सुकमा जिलों में सक्रिय कुल 51 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल विरोधी रणनीति को बड़ी सफलता मिली है। 7 फरवरी 2026 को बीजापुर और सुकमा जिलों में सक्रिय कुल 51 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर मिलाकर 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। खास बात यह रही कि सरेंडर करने वालों में 34 महिलाएं भी शामिल हैं।

यह सामूहिक आत्मसमर्पण “पूना मारगेम” (नई जिंदगी की ओर कदम) अभियान के तहत हुआ, जिसे बस्तर पुलिस, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर चला रही हैं। इस नीति का मकसद भटके हुए युवाओं को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का मौका देना है।

खास दिन पर हुआ सरेंडर, बढ़ा प्रतीकात्मक महत्व

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 का उद्घाटन कर रही थीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे थे। स्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम के मुताबिक, लगातार सुरक्षात्मक दबाव, विकास योजनाओं की पहुंच, नए सुरक्षा कैंप, सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार से नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 300 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 1500 से ज्यादा रही थी।

 बीजापुर: 30 नक्सलियों ने डाले हथियार

  • इनमें 20 महिलाएं शामिल
  • 3 प्रमुख नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम
  • अन्य पर 1 से 5 लाख रुपये तक घोषित इनामी राशि
  • कुल इनामी राशि: लगभग 85 लाख रुपये
  • सभी दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो से जुड़े बताए गए

सुकमा: 21 नक्सलियों का सरेंडर

  • 14 महिलाएं शामिल
  • 3 बड़े नक्सलियों पर 8-8 लाख का इनाम
  • कई अन्य पर 2 से 5 लाख रुपये तक का इनाम

दर्भा मंडल, दक्षिण बस्तर मंडल और ओडिशा से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा

इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी सुरक्षा बलों के हवाले किए गए, जिनमें ऑटोमैटिक राइफलें, ग्रेनेड लॉन्चर, जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर शामिल हैं।

तुरंत सहायता और पुनर्वास का भरोसा

हर सरेंडर करने वाले नक्सली को तत्काल 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसके साथ ही सरकार की पुनर्वास नीति के तहत रोजगार,शिक्षा,स्वास्थ्य सुविधाएं और कौशल विकास जैसी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री और IG का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में विकास और विश्वास की नीति रंग ला रही है। वहीं आईजी पट्टिलिंगम ने शेष नक्सलियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि पूना मारगेम सम्मान और शांति का रास्ता है।
 

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