Edited By Pardeep,Updated: 06 Feb, 2026 02:34 AM

गृह मंत्री अमित शाह ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक कोयला खदान में विस्फोट से हुई खनिकों की मौत पर बृहस्पतिवार को दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम रवाना हो चुकी हैं...
नई दिल्लीः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक कोयला खदान में विस्फोट से हुई खनिकों की मौत पर बृहस्पतिवार को दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम रवाना हो चुकी हैं जबकि एक टीम वहां पहुंच चुकी है। इस खदान में विस्फोट होने से 18 खनिकों की मौत हो गई।
शाह ने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया। पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह विस्फोट थांगस्कू क्षेत्र के म्यंसिंगट में स्थित एक अवैध कोयला खदान में हुआ। इस प्रकार का खदान 'रैट होल माइन' के नाम से भी जाना जाता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस प्रकार के खनन पर प्रतिबंध लगा रखा है।
कुमार ने बताया कि घटनास्थल से कुल 18 शव बरामद किए गए हैं। गृहमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा, ''मेघालय के दुखद हादसे में हुई जनहानि से मैं बहुत दुखी हूं। एनडीआरएफ की एक टीम पहुंच चुकी है तथा दो और टीम रास्ते में हैं। मैंने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनरड संगमा जी से बात की और उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक पोस्ट में मोदी के हवाले से कहा, "मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से मैं व्यथित हूं। अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और जांच की घोषणा की। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और एक विशेष बचाव दल (एसआरटी) की टीमें घटनास्थल पर तैनात कर दी गई हैं और बचाव अभियान जारी है।