छत्तीसगढ़ : बीजापुर में नक्सलियों ने किए कई ब्लास्ट, IED धमाके में 11 जवान घायल

Edited By Updated: 26 Jan, 2026 05:48 PM

eleven security personnel were injured in an ied blast carried out by naxalites

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा हिल्स इलाके में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। जंगल और पहाड़ी इलाके में हुए कई IED धमाकों में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़े पैमाने...

नेशनल डेस्क : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा हिल्स इलाके में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। जंगल और पहाड़ी इलाके में हुए कई IED धमाकों में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया।

बीजापुर पुलिस के मुताबिक, धमाकों में घायल सभी जवानों को तुरंत रेस्क्यू कर एयरलिफ्ट के जरिए रायपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से 10 जवान छत्तीसगढ़ पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) यूनिट के हैं, जबकि एक जवान CRPF की एलीट यूनिट कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन (CoBRA) से है।

घायल CoBRA जवान की पहचान 210वीं बटालियन के सब-इंस्पेक्टर रुद्रेश सिंह के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, सिंह और DRG के दो जवानों के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन अन्य जवानों की आंखों में छर्रे लगे हैं। सभी घायलों को रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह वही इलाका है जहां पिछले साल नवंबर में सुरक्षा बलों ने उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला गांव में कैंप स्थापित किया था। कर्रेगुट्टा हिल्स को लंबे समय से बड़े माओवादी नेताओं का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। दरअसल, अप्रैल–मई 2025 में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा हिल्स के आसपास 21 दिन का बड़ा ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में 31 नक्सली मारे गए थे और 35 हथियारों के साथ करीब 450 IED, डेटोनेटर, विस्फोटक सामग्री, मेडिकल सप्लाई और नक्सली साहित्य जब्त किया गया था।

ताजा IED हमले ऐसे समय हुए हैं, जब कुछ ही दिन पहले बस्तर रेंज के बीजापुर जिले में एक बड़े एनकाउंटर में छह नक्सली मारे गए थे। उस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो AK-47, दो .303 राइफल, एक INSAS राइफल और एक BGL लॉन्चर बरामद किया था।

लगातार कार्रवाई के तहत शनिवार को भी सुरक्षा बलों ने बीजापुर के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक एनकाउंटर साइट से दो और माओवादी कैडरों के शव बरामद किए। DRG, CoBRA और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसमें DVCM दिलीप बेदजा समेत अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी।

केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक माओवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। 2025 में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर छह से तीन रह गई है, जिनमें छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर शामिल हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के पहले 11 महीनों में 2,167 लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिस्ट्स ने सरेंडर किया, 335 मारे गए और 940 से ज्यादा को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 2014 से 1 दिसंबर 2025 के बीच 1,800 से ज्यादा माओवादी मारे गए, 16,000 से ज्यादा गिरफ्तार हुए और 9,580 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है।

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