किसानों के लिए खुला खजाना! इन राज्यों की सरकारें दे रही हैं हजारों रुपये

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 06:52 PM

benefit of farmers the governments of these states are giving thousands of rupee

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं। इसके साथ ही कई राज्य सरकारें भी किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे रही हैं। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 6,000 रुपये,...

नेशनल डेस्कः किसानों की आय बढ़ाने और खेती से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए अब केंद्र के साथ-साथ कई राज्य सरकारें भी सीधे नकद सहायता देने की नीति पर जोर दे रही हैं। केंद्र सरकार जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना आर्थिक मदद दे रही है, वहीं मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य भी अपनी योजनाओं के जरिए किसानों और कृषि मजदूरों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेज रहे हैं। इन योजनाओं का मकसद खेती को आर्थिक सहारा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

PM किसान सम्मान निधि योजना

सबसे पहले बात केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना की करें तो इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। हाल ही में इस योजना की 21वीं किस्त के तहत किसानों के खातों में 2,000 रुपये भेजे गए हैं।

मध्य प्रदेश में किसानों को मिल रहा अतिरिक्त लाभ

मध्य प्रदेश के किसानों को केंद्र की योजना के साथ राज्य सरकार से भी आर्थिक सहायता मिल रही है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाती है। यह राशि भी तीन किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इस तरह राज्य के किसानों को केंद्र और राज्य दोनों योजनाओं को मिलाकर सालाना 12,000 रुपये की सहायता मिल जाती है।

ओडिशा में ‘कालिया’ योजना का अलग मॉडल

ओडिशा सरकार ने किसानों और कृषि मजदूरों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कालिया (KALIA – कृषक सहायता फॉर लाइवलिहुड एंड इनकम ऑगमेंटेशन) योजना शुरू की है। वर्ष 2018 में लागू की गई इस योजना की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ जमीन के मालिक किसानों को ही नहीं, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी शामिल किया गया है। योजना के तहत किसानों और मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा जिन लोगों के पास खेती की जमीन नहीं है, उन्हें छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए 12,500 रुपये की मदद दी जाती है, जिससे वे बकरी पालन, मुर्गी पालन या मशरूम उत्पादन जैसे काम शुरू कर सकें।

दक्षिण भारत में किसानों को ज्यादा नकद सहायता

दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में किसानों को दी जाने वाली नकद सहायता अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। आंध्र प्रदेश में किसानों के लिए अन्नदाता सुखीभव योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल 14,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो अलग-अलग किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है। वहीं तेलंगाना में सरकार रायथु भरोसा योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 12,000 रुपये की मदद दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। 

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