Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Apr, 2026 05:59 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया और शाम छह बजे तक चलेगा। राज्य में पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए 16 जिलों की 152 सीटों के लिए 44,378 मतदान केन्द्र बनाये गये है। इन सभी मतदान...
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शाम 5 बजे तक लगभग 89.93% मतदान हुआ है। बता दें कि पहले चरण में चुनाव के लिए मतदान के लिए 16 जिलों की 152 सीटों के लिए 44,378 मतदान केन्द्र बनाए गए है। इन सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे चुनाव शुरू हो गया था।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीति के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अपना वोट डालने के बाद एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। शुभेंदु ने इस चुनाव को सिर्फ सत्ता की जंग नहीं बल्कि सनातन धर्म के अस्तित्व की लड़ाई करार दिया है। वोट डालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए शुभेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल में सनातन की जीत होगी और उसकी रक्षा की जाएगी।
अधिकारी ने चेताया कि अगर इस बार बंगाल में राजनीतिक बदलाव (परिवर्तन) नहीं हुआ, तो राज्य में सनातन संस्कृति का नामोनिशान मिट जाएगा। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि बंगाल की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मतदान के इंतज़ामों के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज की तारीफ की। तारीफ के साथ-साथ उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर 'गुंडागर्दी' की जा रही है और कुछ उपद्रवी तत्व मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं आंध्र प्रदेश में ट्रक चलाने वाले बिलाल शेख सिर्फ अपना वोट डालने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचे थे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। बिलाल शेख आंध्र प्रदेश में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं। चुनाव के समय अपना फर्ज निभाने के लिए उन्होंने लंबी छुट्टी ली और अपने घर मालदा पहुंचे। वह बड़े उत्साह के साथ कोतवाली प्राइमरी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने गए थे लेकिन जब बिलाल पोलिंग बूथ के अंदर पहुंचे और अधिकारियों ने लिस्ट चेक की तो पता चला कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत उनका नाम काट दिया गया था।

जानिए क्यों कटा नाम?
SIR एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करता है। संभवतः लंबे समय तक घर से बाहर रहने (आंध्र प्रदेश में काम करने) की वजह से वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें वहां नहीं पाया गया और उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया।