Edited By Radhika,Updated: 23 May, 2026 10:01 AM

आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, शनिवार से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में ₹1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे CNG वाहनों का इस्तेमाल करने वाले चालकों और...
नेशनल डेस्क: आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, शनिवार से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में ₹1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे CNG वाहनों का इस्तेमाल करने वाले चालकों और यात्रियों पर बोझ बढ़ेगा। CNG के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है।
महानगरों में ईंधन के नए दाम
- दिल्ली: राजधानी में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹98.64 से बढ़कर ₹99.51 प्रति लीटर हो गया है, जो ₹100 के आंकड़े से महज 49 पैसे दूर है। वहीं, डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ ₹92.49 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
- मुंबई: मुंबई में पेट्रोल के दाम 90 पैसे बढ़कर ₹108.49 प्रति लीटर और डीजल के दाम 94 पैसे बढ़कर ₹95.02 प्रति लीटर हो गए हैं।
- कोलकाता: यहाँ कीमतों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। पेट्रोल 94 पैसे महंगा होकर ₹110.64 प्रति लीटर और डीजल 95 पैसे की बढ़ोतरी के साथ ₹97.02 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
- चेन्नई: चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर ₹105.31 प्रति लीटर और डीजल 87 पैसे की तेजी के साथ ₹96.98 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर
CNG की कीमतों में ₹1 की बढ़ोतरी के बाद ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों और निजी CNG वाहनों से सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में सार्वजनिक परिवहन (बसें और कैब) का एक बड़ा हिस्सा CNG पर चलता है, जिससे अब सफर करना और महंगा हो सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और गैस की दरों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और स्थानीय करों (टैक्स) के आधार पर तय होती हैं। सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और आपूर्ति की चिंताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसके चलते यह बढ़ोतरी की गई है। CNG, पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।