Edited By Parveen Kumar,Updated: 22 May, 2026 10:26 PM

मिडिल ईस्ट जंग से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। जंग के बीच भारत में कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल पर के रेटों में भी बढ़ोतरी की गई। इसी के साथ दूध, दही और कई अन्य चीजों के भी दाम बढ़ गए। अब इसका असर कंडोम पर भी पड़ सकता है, रिपोर्ट के मुताबिक अगर जंग...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट जंग से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। जंग के बीच भारत में कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल पर के रेटों में भी बढ़ोतरी की गई। इसी के साथ दूध, दही और कई अन्य चीजों के भी दाम बढ़ गए। अब इसका असर कंडोम पर भी पड़ सकता है, रिपोर्ट के मुताबिक अगर जंग लंबी चली तो भारत में कंडोम के दाम भी बढ़ सकते हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश की बड़ी कंडोम निर्माता कंपनी Mankind Pharma ने संकेत दिए हैं कि कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहीं तो कंपनी को कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। कंपनी का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सप्लाई चिंताओं ने उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ा दिया है।
CEO ने दी जानकारी
Manforce कंडोम के सीइओ शीतल अरोड़ा ने बताया कि कंपनी की भारत में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी के पास अगले कुछ ही महीने का स्टॉक है, अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो कीमतें बढ़ाना जरूरी हो सकता है।
जानिए रेट बढ़ने की खास वजह
कंडोम मुख्य रूप से प्राकृतिक लेटेक्स से बनाए जाते हैं, लेकिन इनके निर्माण में कई पेट्रोलियम आधारित उत्पादों का इस्तेमाल होता है। इनमें केमिकल, सिलिकॉन ऑयल, स्नेहक और पैकेजिंग सामग्री शामिल हैं। कच्चे तेल के महंगे होने से इन सभी चीजों की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर सीधे उत्पादन लागत पर पड़ता है।
भारत दुनिया के बड़े बाजारों में शामिल
भारत दुनिया के सबसे बड़े कंडोम बाजारों में से एक माना जाता है। अनुमान के मुताबिक, देश का कंडोम बाजार हजारों करोड़ रुपये का है और यहां हर साल 400 करोड़ से ज्यादा कंडोम का उत्पादन होता है। सरकारी कंपनी HLL Lifecare हर साल करीब 221 करोड़ कंडोम बनाती है, जबकि Cupid Limited जैसी निजी कंपनियां घरेलू और निर्यात बाजार दोनों को सप्लाई करती हैं।