केरल में मतदाता धोखाधड़ी का आरोप: त्रिशूर में एक घर से 9 फ़र्ज़ी वोट, विपक्ष ने रखी जांच की माँग

Edited By Updated: 12 Aug, 2025 01:09 PM

big mistake in voter list names of 9 people in one ballot in kerala

केरल के त्रिशूर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी के बिना उनके घर के पते पर नौ फर्जी वोट दर्ज किए गए हैं। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि त्रिशूर केरल की एकमात्र लोकसभा सीट है, जिसे 2024 के...

नेशनल डेस्क: केरल के त्रिशूर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी के बिना उनके घर के पते पर नौ फर्जी वोट दर्ज किए गए हैं। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि त्रिशूर केरल की एकमात्र लोकसभा सीट है, जिसे 2024 के चुनाव में भाजपा ने जीता था।

महिला ने दर्ज कराई शिकायत

पूनकुन्नम की रहने वाली प्रसन्ना नाम की महिला ने बताया कि वह कैपिटल विलेज अपार्टमेंट्स के फ्लैट नंबर 4सी में रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके घर से सिर्फ वही त्रिशूर में वोट डालती हैं। उनके परिवार के बाकी वयस्क सदस्य अपने पैतृक गांव में वोट देते हैं।

प्रसन्ना ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें तब इस धोखाधड़ी का पता चला जब कुछ लोग उनके पते पर वेरिफिकशन के लिए आए। उन्होंने कहा, "हम इनमें से किसी को नहीं जानते। हम यहां चार साल से रह रहे हैं। हमारी अनुमति के बिना हमारे पते पर नाम जोड़ना गलत है।" इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है।

सीपीएम का आरोप: फर्जी पते पर वोट ट्रांसफर

इस घटना के सामने आने के बाद CPM के कार्यकर्ताओं ने भी इस तरह की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पूनकुन्नम के अन्य अपार्टमेंट जैसे वाटर लिली और कैपिटल विलेज में भी मतदाता सूची में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। सीपीएम कार्यकर्ताओं का कहना है कि खाली फ्लैटों को फर्जी पतों के रूप में इस्तेमाल किया गया है ताकि दूसरे जिलों के लोगों के वोट यहां ट्रांसफर किए जा सकें।

सीपीएम नेता और पूर्व उम्मीदवार वी.एस. सुनील कुमार ने भी इस मामले को उठाया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता पंजीकरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की अनुमति देने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार एक ही बूथ पर 280 से ज्यादा आवेदन आए, जिनमें दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों और प्रवासी मजदूरों के नाम शामिल थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पते के प्रमाण के रूप में पोस्टकार्ड का उपयोग करके पंजीकरण की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया, जिससे ऐसी धोखाधड़ी को बढ़ावा मिला।

विपक्षी नेताओं की मांग: हो गहन जांच

विपक्षी नेता वी.डी. सतीशन ने भी इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने भाजपा पर गलत तरीकों से वोट जोड़ने और चुनाव की निष्पक्षता को कमजोर करने का आरोप लगाया है। सतीशन ने कथित चुनावी हेराफेरी को उजागर करने के लिए राहुल गांधी की तारीफ की और नागरिकों से "फासीवाद और सांप्रदायिकता" का विरोध करने का आह्वान किया। यह पूरा मामला चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रहा है, खासकर तब जब त्रिशूर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर इस तरह के आरोप लग रहे हैं।

 

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