Edited By Radhika,Updated: 21 Feb, 2026 11:57 AM

महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका (BNCMC) के मेयर चुनाव में शुक्रवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। BJP की अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूक का फायदा उठाते हुए बीजेपी के ही बागी नेता नारायण चौधरी नए मेयर चुने गए हैं। उन्होंने बीजेपी की...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका (BNCMC) के मेयर चुनाव में शुक्रवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। BJP की अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूक का फायदा उठाते हुए बीजेपी के ही बागी नेता नारायण चौधरी नए मेयर चुने गए हैं। उन्होंने बीजेपी की आधिकारिक उम्मीदवार स्नेहा पाटिल को करारी हार दी।
ऐन वक्त पर बदला खेल
राजनीतिक गलियारों में हलचल तब शुरू हुई जब बीजेपी ने पहले नारायण चौधरी को अपना उम्मीदवार तय किया था, लेकिन नामांकन के बाद अचानक उनका नाम काटकर स्नेहा पाटिल को Official Candidate घोषित कर दिया। बीजेपी के इस फैसले से नाराज चौधरी ने अपने समर्थक 8 पार्षदों के साथ बगावत कर दी और निर्दलीय मैदान में डटे रहे।
विपक्ष की 'सेक्युलर फ्रंट' ने दिया साथ
90 सदस्यीय महानगरपालिका में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने के लिए कांग्रेस (30 सीटें) ने चतुराई दिखाई। कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर फ्रंट' ने बागी नारायण चौधरी को समर्थन देने का फैसला किया। इस गठबंधन में शरद पवार की NCP (12 सीटें) और समाजवादी पार्टी (6 सीटें) भी शामिल थीं।
बीजेपी और शिंदे सेना की हार
इस चुनाव में बीजेपी की Official Candidate स्नेहा पाटिल को महज 16 वोट मिले, जो पार्टी की अपनी संख्या (22) से भी कम थे। वहीं, कोणार्क विकास अघाड़ी के विलास पाटिल 25 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। डिप्टी मेयर पद की रेस में मयूरेश पाटिल का नामांकन जांच के दौरान रद्द होने से बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ गईं। यह चुनाव परिणाम आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के लिए एक बड़े सबक के रूप में देखा जा रहा है।