Edited By Subhash Kapoor,Updated: 20 Feb, 2026 05:12 PM

पंजाब सरकार को सरकारी संपत्तियों के जरिए राजस्व जुटाने की योजना को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पावरकॉम की संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगा दी। यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं पर...
पंजाब डैस्क : पंजाब सरकार को सरकारी संपत्तियों के जरिए राजस्व जुटाने की योजना को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पावरकॉम की संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगा दी। यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
बता दें कि पंजाब सरकार ने वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए पावरकॉम की कई अहम संपत्तियों की पहचान की थी। जिनमें पटियाला की 50 एकड़ बडूंगर साइट और बठिंडा की थर्मल कॉलोनी की जमीन शामिल थी। अनुमान था कि इन संपत्तियों से करीब 1500 करोड़ रुपये की आय हो सकती है।
लेकिन इस प्रक्रिया के खिलाफ जनहित याचिका दायर हो गई। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जब खुद सरकार पर पावरकॉम का 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली सब्सिडी का बकाया है और सरकारी विभागों के 2582 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं, तब संपत्तियां बेचकर संकट सुलझाना उचित नहीं है।
डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान पावरकॉम की मालिकाना संपत्तियों के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है। पावरकॉम के इंजीनियर्स और कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि संपत्तियों की बिक्री से संस्था और कमजोर हो सकती थी। दूसरी ओर, सरकार के लिए यह फैसला वित्तीय प्रबंधन की नई चुनौती बन गया है।