Edited By Pardeep,Updated: 20 Feb, 2026 10:50 PM

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) को गैरकानूनी करार दिया है। इस बड़े फैसले के तुरंत बाद ट्रंप का पहला रिएक्शन भी सामने आया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे...
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) को गैरकानूनी करार दिया है। इस बड़े फैसले के तुरंत बाद ट्रंप का पहला रिएक्शन भी सामने आया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “शर्मनाक” बताया। हालांकि, इस मामले पर अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फैसले के वक्त क्या कर रहे थे ट्रंप?
एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, उस समय ट्रंप एक समूह के साथ बैठक कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताया। उन्होंने मौजूद लोगों से कहा कि उनके पास एक “वैकल्पिक योजना” (बैकअप प्लान) तैयार है।हालांकि, उस वैकल्पिक योजना के बारे में अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 100 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाते समय ट्रंप ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। उन्होंने राष्ट्रीय आपात स्थिति से जुड़े कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए। लेकिन अमेरिकी संविधान के अनुसार टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस (संसद) के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को आपातकालीन कानून के तहत इस तरह व्यापक व्यापारिक कर लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है।
6-3 के बहुमत से आया ऐतिहासिक फैसला
यह फैसला 6-3 के बहुमत से सुनाया गया। ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्होंने 1970 के दशक में बने एक इमरजेंसी कानून का हवाला देकर 100 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाए। गौर करने वाली बात यह है कि उस कानून में कहीं भी “टैरिफ” शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।बहुमत की ओर से फैसला लिखते हुए मुख्य न्यायाधीश John G. Roberts Jr. ने कहा कि संबंधित कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता।
ट्रंप का तर्क क्या था?
ट्रंप ने टैरिफ को अपनी आर्थिक और विदेश नीति का प्रमुख हथियार बताया था। उनका कहना था कि अमेरिका का बढ़ता व्यापार घाटा देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा है। टैरिफ के जरिए अमेरिका अपने उद्योगों और नौकरियों की रक्षा कर सकता है और बिना टैरिफ के देश “बर्बाद” हो सकता है। ट्रंप ने टैरिफ की धमकी देकर कई देशों के साथ नई ट्रेड डील करने का भी दावा किया था।
पहले भी मिली थी कानूनी चुनौती
यह मामला पहले निचली अदालतों में गया था, जहां ट्रंप प्रशासन को झटका लगा। निचली अदालतों ने भी माना था कि राष्ट्रपति ने आपातकालीन शक्तियों का दायरा जरूरत से ज्यादा बढ़ाया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन यहां भी फैसला उनके खिलाफ गया।
अब क्या होगा अगला कदम?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप आगे क्या कदम उठाएंगे।
संभावित विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:
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कांग्रेस के जरिए नया कानून लाने की कोशिश
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किसी अन्य व्यापार कानून का सहारा लेना
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या फैसले की समीक्षा के लिए कानूनी विकल्प तलाशना
हालांकि फिलहाल यह साफ है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका दिया है और राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों की सीमाएं तय कर दी हैं।