Edited By Niyati Bhandari,Updated: 20 Feb, 2026 05:16 PM

Chandrama Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह माना गया है। इसके साथ ही यह व्यक्ति के आर्थिक निर्णय, कार्यक्षेत्र की स्थिरता और दैनिक सोच पर भी गहरा प्रभाव डालता है। 21 फरवरी 2026 को शाम 7 बजकर 7...
Chandrama Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह माना गया है। इसके साथ ही यह व्यक्ति के आर्थिक निर्णय, कार्यक्षेत्र की स्थिरता और दैनिक सोच पर भी गहरा प्रभाव डालता है। 21 फरवरी 2026 को शाम 7 बजकर 7 मिनट पर चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत दे रहा है, विशेषकर धन, करियर और मानसिक संतुलन के मामलों में। आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

वृषभ राशि: बढ़ सकते हैं खर्च और मानसिक तनाव
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव (हानि भाव) में होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति अनावश्यक खर्च और मानसिक अस्थिरता का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते धन व्यय संभव है। इस समय निवेश करने से बचें। विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े कार्यों में लापरवाही भारी पड़ सकती है। वैवाहिक जीवन में छोटे-छोटे विवाद उभर सकते हैं।
सावधानी: बजट बनाकर चलें और भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
उपाय: प्रतिदिन शिव चालीसा का पाठ करें और सोमवार को सफेद वस्तु का दान करें।

कन्या राशि: अष्टम भाव में चंद्रमा, अचानक उतार-चढ़ाव संभव
कन्या राशि से चंद्रमा अष्टम भाव में गोचर करेंगे। अष्टम भाव को ज्योतिष में अचानक घटनाओं और अप्रत्याशित बदलावों का भाव माना जाता है। धन हानि या मान-सम्मान में कमी की आशंका। गलत संगति से नुकसान हो सकता है। पेट और गले से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
सावधानी: वित्तीय मामलों में पारदर्शिता रखें और परिवार की सलाह लें।
उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
वृश्चिक राशि: शत्रु पक्ष हो सकता है सक्रिय
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से छठे भाव (शत्रु भाव) में होगा। इस दौरान विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और कार्यक्षेत्र में राजनीति बढ़ सकती है। किसी पर अत्यधिक भरोसा न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। अनावश्यक खर्च से बचें और कानूनी मामलों में सतर्क रहें।
सावधानी: अपने काम पर फोकस रखें और विवादों से दूर रहें।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और चंद्र मंत्र “ॐ सोम सोमाय नमः” का 108 बार जप करें।
ज्योतिषीय सलाह
चंद्रमा का यह गोचर अल्पकालिक है लेकिन मानसिक स्थिति और निर्णय क्षमता पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए भावनात्मक संतुलन बनाए रखना और संयमित आर्थिक निर्णय लेना आवश्यक है। नियमित पूजा-पाठ और सकारात्मक सोच से नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
