माल्या-नीरव जैसे भगोड़ों को भारत लाने की तैयारी तेज, ब्रिटिश टीम ने किया तिहाड़ जेल का दौरा

Edited By Updated: 06 Sep, 2025 07:49 PM

british team inspected tihar jail

ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया। यह दौरा भारत द्वारा भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण के प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नेशनल डेस्क: ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया। यह दौरा भारत द्वारा भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण के प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल का मकसद था ब्रिटिश अदालतों को यह भरोसा दिलाना कि भारत में प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों को मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जेल में रखा जाएगा।

जेल के हाई-सिक्योरिटी वार्ड का निरीक्षण

जानकारी के मुताबिक, CPS टीम ने तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वार्ड का दौरा किया और वहां मौजूद कैदियों से बातचीत भी की। भारतीय अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए जेल परिसर में विशेष “एन्क्लेव” बनाया जाएगा, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।

ब्रिटिश अदालतों की आपत्तियों के जवाब में यह पहल

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटेन की अदालतें पहले भी भारत के प्रत्यर्पण अनुरोधों को यह कहते हुए खारिज कर चुकी हैं कि भारतीय जेलों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इन चिंताओं को दूर करने के लिए भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्यर्पित व्यक्तियों से किसी भी प्रकार की अवैध पूछताछ नहीं होगी और उनकी सुरक्षा तथा मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

कई बड़े मामलों में अब भी अटका है प्रत्यर्पण

वर्तमान में भारत के कुल 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विदेशों में लंबित हैं, जिनमें से लगभग 20 मामले ब्रिटेन में हैं। इनमें सबसे चर्चित मामले हैं:

विजय माल्या: शराब कारोबारी, जिस पर ₹9,000 करोड़ के बैंक कर्ज न चुकाने का आरोप है।
नीरव मोदी: हीरा व्यापारी, जिस पर ₹13,800 करोड़ की पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी का आरोप है। उसे मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और उसका प्रत्यर्पण ब्रिटेन की अदालत से मंजूर हो चुका है, लेकिन वह अब भी हिरासत में है।

भारत का पक्ष

इस साल जुलाई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि भारत ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर “मजबूत कानूनी मामला” तैयार कर रहा है ताकि भगोड़ों की वापसी में तेजी लाई जा सके। भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण के बाद किसी भी आरोपी को तिहाड़ जेल या अन्य जेलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उचित सुविधा और सुरक्षा दी जाएगी।

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