मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: भारत में अब 'पानी' भी हो जाएगा महंगा! LPG के बाद नया संकट

Edited By Updated: 12 Mar, 2026 10:10 PM

middle east war impact bottled water may become expensive in india

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है।

इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण बोतलबंद पानी बनाने की लागत तेजी से बढ़ रही है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसका सीधा असर आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है और पानी की कीमतें बढ़ सकती हैं।

5 अरब डॉलर का है भारत का पैकेज्ड वाटर बाजार

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बाजार लगभग 5 अरब डॉलर का है और यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार देश में भूजल की गुणवत्ता एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कई शोधों में सामने आया है कि भारत में करीब 70 प्रतिशत भूजल किसी न किसी रूप में प्रदूषित है। इसी वजह से बड़ी आबादी सुरक्षित पीने के पानी के लिए बोतलबंद पानी पर निर्भर रहती है।

कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ीं

गर्मी के मौसम से ठीक पहले इस उद्योग पर लागत का दबाव बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। कई पैकेज्ड वाटर कंपनियों ने अपने वितरकों को भेजे पत्रों में बताया है कि युद्ध के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते कुछ कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूशन स्तर पर कीमतें बढ़ाना भी शुरू कर दिया है, जिसका असर जल्द ही खुदरा बाजार में भी देखने को मिल सकता है।

बोतल बनाने वाला पॉलीमर हुआ महंगा

उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार प्लास्टिक बोतल बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलीमर की कीमत में बड़ा उछाल आया है। पॉलीमर कच्चे तेल से बनता है और जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर इस पर पड़ता है। हाल के हफ्तों में बोतल बनाने वाली सामग्री की लागत प्रति किलोग्राम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

पैकेजिंग की लागत भी तेजी से बढ़ी

केवल बोतल ही नहीं, बल्कि उसके साथ इस्तेमाल होने वाली अन्य चीजों की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं।

  • बोतलों के कैप (ढक्कन) की कीमत दोगुने से ज्यादा हो गई है

  • लेबल और पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ गई है

  • कॉरुगेटेड बॉक्स और चिपकाने वाली टेप भी महंगी हो गई हैं

इन सब कारणों से कंपनियों के लिए उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।

गर्मियों में उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है बोझ

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक तेल कीमतों में तेजी जारी रहती है और सप्लाई चेन में सुधार नहीं होता, तो आने वाले महीनों में बोतलबंद पानी की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। भीषण गर्मी के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग बोतलबंद पानी पर निर्भर रहते हैं, तब इसकी कीमत बढ़ना आम उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!