जंग का दायरा और बढ़ाः यूरोप बोला-अमेरिका का देंगे साथ ! ईरान पर हमले को तैयार फ्रांस-जर्मनी और ब्रिटेन

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 01:50 PM

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फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए “रक्षात्मक कार्रवाई” की चेतावनी दी है। यूरोपीय शक्तियां अब अमेरिका और इजरायल के साथ समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार...

International Desk: ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए यूरोपीय देशों ने खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए “रक्षात्मक कार्रवाई” की चेतावनी दी है। यूरोपीय शक्तियां अब अमेरिका और इजरायल के साथ समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार दिख रही हैं, जिससे युद्ध का दायरा और बढ़ सकता है।  फ्रांस-जर्मनी (France, Germany) और ब्रिटेन ( United Kingdom) ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए “आवश्यक और अनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई” का समर्थन करेंगे। फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों को “लापरवाह” बताते हुए खाड़ी में अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए  “रक्षात्मक कार्रवाई” की चेतावनी दी है।  तीनों देशों के नेताओं ने कहा कि वे ईरान द्वारा क्षेत्रीय देशों पर किए गए “अंधाधुंध और असंगत मिसाइल हमलों” से स्तब्ध हैं, खासकर उन देशों पर जो शुरुआती अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं थे।

 

अमेरिका का देंगे साथ
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने अपने बयान में कहा कि वे इस मुद्दे पर अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे। बयान में स्पष्ट किया गया कि यदि जरूरत पड़ी तो ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते हमले अब बहुपक्षीय सैन्य टकराव का रूप लेते दिख रहे हैं। ईरान, इजरायल, अमेरिका और अब यूरोपीय शक्तियों की सक्रिय भूमिका से क्षेत्रीय स्थिरता गंभीर खतरे में है। खाड़ी देशों में असुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका गहरा रही है।

 

खाड़ी देशों पर ईरान के हमले
ईरान ने अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में कई खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान का कहना है कि उसका निशाना अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। हमलों में उत्तरी इराक के Arbil के पास एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अड्डा और पूर्वी जॉर्डन में जर्मन सेना का कैंप भी प्रभावित हुआ। जर्मन सेना के प्रवक्ता के अनुसार, इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को “बड़े पैमाने” पर हमले की घोषणा की।

 

 कई शहरों में धमाके
रियाद, दुबई, अबू धाबी, दोहा, मनामा, येरुशलम और तेल अवीव में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली राहत सेवाओं के अनुसार, Beit Shemesh में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अयातुल्ला Ali Khamenei की हत्या को “मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा” बताया। उन्होंने कहा “ईरान इस ऐतिहासिक अपराध के दोषियों से बदला लेना अपना वैध अधिकार मानता है।” वहीं विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी चैनल ABC News से कहा कि “हम अपनी जनता की रक्षा के लिए जो भी करना पड़े, करेंगे। हमारी रक्षा की कोई सीमा नहीं है।”

 

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