Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Oct, 2026 01:46 PM

आसमान में मौत के साए के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 170 से ज्यादा यात्रियों की जान बचा ली। लेकिन एक रिर्पोट के अनुसार, फ्लाईदुबई (flydubai) की उड़ान के दौरान को-पायलट द्वारा कुल्हाड़ी से हमला करने पर भारतीय...
नई दिल्ली: आसमान में मौत के साए के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 170 से ज्यादा यात्रियों की जान बचा ली। लेकिन एक रिर्पोट के अनुसार, फ्लाईदुबई (flydubai) की उड़ान के दौरान को-पायलट द्वारा कुल्हाड़ी से हमला करने पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) को काफी जटिल चोंटे आई है। उनकी हाल ही में सऊदी अरब में जटिल सर्जरी हुई है और अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
क्या था पूरा मामला?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने अपनी उड़ान भरी थी। उड़ान शुरू होने के करीब ढाई घंटे बाद विमान अचानक लगभग 18,000 फीट नीचे आ गया। विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद 'कोड स्क्वॉक 7500' (हाइजैकिंग का संकेत) पर स्विच कर लिया था।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, ओमान के को-पायलट हमद अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर पहले चाकू और फिर आपातकालीन कुल्हाड़ी ('क्रैश एक्स') से कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। उनका मकसद विमान को क्रैश करना था।
डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर और जानलेवा हमला
हमले के दौरान 38 वर्षीय कैप्टन मच्छर को गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें 'डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर' (Depressed Skull Fracture) हुआ था। यानि जब खोपड़ी पर तेज हमला होता है, तो हड्डी का टूटा हुआ टुकड़ा अपनी सामान्य जगह से नीचे धंसकर सीधे दिमाग की तरफ चला जाता है। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति होती है क्योंकि हड्डी दिमाग पर दबाव डाल सकती है, जिसके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है।
दर्द और खून से लथपथ होने के बाद भी नहीं मानी हार
हमले में गंभीर रूप से घायल होने और शरीर से तेजी से खून बहने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने हिम्मत नहीं हारी। जमीन पर पड़े होने और लगातार हो रहे वार के बावजूद उन्होंने आखिरी कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने से अन्य क्रू मेंबर और यात्री तुरंत अंदर आ गए। उन्होंने हमलावर को काबू में किया और विमान को सुरक्षित संभाला। इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
पीएम मोदी से हुई बात
पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित मच्छर से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की। कैप्टन ने पीएम मोदी को बताया, "मैं जख्मी हालत में जमीन पर पड़ा था, लेकिन मैंने खुद से कहा कि अंदर से दरवाजा खोलने के लिए एक आखिरी कोशिश करनी चाहिए। बेशक मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन साथ ही मुझे पता था कि मैं 170 से ज्यादा लोगों को मरने नहीं दूंगा।"
सऊदी अरब के अस्पताल में शुरुआती इमरजेंसी इलाज के बाद, बेहतर मेडिकल देखभाल के लिए पिछले हफ्ते कैप्टन मच्छार को अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया। वर्तमान में उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल के आईसीयू में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है, जहां वे इलाज का अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनके अंगों, छाती और पेट पर भी चोटें थीं, लेकिन अब वे तेजी से रिकवर कर रहे हैं। उनके परिवार को भी अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति दे दी गई है।