Edited By Tanuja,Updated: 04 Oct, 2026 01:15 PM

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमला हुआ, लेकिन गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने यात्रियों को खतरे से आगाह किया। उनके परिवार ने भी संकट में संयम बनाए रखा। पड़ोसी डॉ. आरती शर्मा के अनुसार, पत्नी ने मदद की पेशकश पर शांत...
Riyadh: दुबई से सामने आई फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की कहानी सिर्फ कॉकपिट में दिखाई गई बहादुरी तक सीमित नहीं है। जब वह विमान में हमलावर से जूझते हुए यात्रियों की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, उस वक्त उनका परिवार भी बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा था। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में उनकी पत्नी ने घबराने के बजाय शांत और संयमित रवैया अपनाया। पड़ोसी और चिकित्सक डॉ. आरती शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उनके व्यवहार के बारे में जानकारी दी है। डॉ. आरती शर्मा कैप्टन स्मित मच्छर और उनके परिवार के साथ उसी आवासीय सोसायटी में रहती हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पड़ोसियों ने कैप्टन की पत्नी से संपर्क किया और उनका हाल पूछा।
पड़ोसियों ने यह भी जानना चाहा कि परिवार को किसी तरह की मदद की जरूरत तो नहीं है। शर्मा के मुताबिक, इस कठिन समय में कैप्टन मच्छर की पत्नी ने बेहद शांत और भरोसा दिलाने वाला जवाब दिया। उन्होंने पड़ोसियों को उनकी प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद दिया और बताया कि उनके पति ठीक हैं। डॉ. शर्मा ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की बहादुरी की चर्चा करते समय अक्सर हमारा ध्यान सिर्फ उस व्यक्ति पर रहता है, जो संकट के बीच साहस दिखा रहा होता है। लेकिन उस व्यक्ति के पीछे एक परिवार भी होता है, जो हर पल फोन कॉल का इंतजार करता है, अच्छी खबर की उम्मीद करता है और अपने प्रियजन की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करता है।कैप्टन मच्छर की पत्नी का संयम इसी अनदेखे साहस की तस्वीर पेश करता है।
डॉ. आरती शर्मा ने कहा कि जब विमान में उनके पति जिंदगी और मौत की स्थिति का सामना कर रहे थे, तब परिवार के लिए भी यह बेहद कठिन समय था। बता दें कि कैप्टन मच्छर का अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उनकी बहादुरी की सराहना के बीच डॉ. शर्मा ने परिवार के उस संयम की ओर भी ध्यान दिलाया है, जो अक्सर सुर्खियों में नहीं आता। संकट के बीच कॉकपिट में पायलट अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था, तो घर पर उसका परिवार डर और अनिश्चितता के बीच उसके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहा था। ,