Edited By Tanuja,Updated: 04 Oct, 2026 04:07 PM

फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए हमले के बाद अल-कायदा समर्थक प्रकाशन ने घटना की प्रशंसा की और अमेरिका तथा इजराइल से जुड़े विमानों के खिलाफ ऐसे हमलों की अपील की। 9/11 का संदर्भ भी दिया गया। आरोपी को-पायलट के पुराने कट्टरपंथी...
Dubai: फ्लाईदुबई के विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच के बीच इस मामले ने नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। अल-कायदा समर्थक एक प्रकाशन ने फ्लाईदुबई उड़ान के हमले की प्रशंसा करते हुए अमेरिका और इजराइल से जुड़े विमानों को निशाना बनाने के लिए ऐसे ही हमलों की अपील की है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रचार सामग्री में 11 सितंबर 2001 के हमलों का भी संदर्भ दिया गया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह अपील अल-कायदा समर्थकों द्वारा जुलाई में शुरू किए गए साप्ताहिक प्रकाशन ‘अल-बयान’ के नवीनतम अंक में सामने आई। इसमें 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुए कॉकपिट हमले का उल्लेख किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रकाशन ने इस घटना को प्रचार के तौर पर पेश करते हुए अमेरिका और इजराइल से जुड़े विमानों के खिलाफ इसी तरह की हिंसक कार्रवाई करने के लिए उकसाया। सामग्री में 9/11 के हमलों की तस्वीरों के साथ फ्लाईदुबई घटना का संदर्भ भी जोड़ा गया। इस सामग्री को अल-कायदा समर्थक टेलीग्राम चैनलों पर भी प्रसारित किए जाने की खबर है, हालांकि बाद में वह सामग्री वहां से हटा दी गई। फ्लाईदुबई विमान में हमले के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल से बातचीत में उन्होंने बताया कि उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। इसी दौरान को-पायलट ने प्रार्थना करने की बात कही। स्मित ने बताया कि उन्होंने सम्मानवश अपना ध्यान सामने की ओर किया। इसके कुछ ही देर बाद उनके सिर के पीछे जोरदार चोट लगी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हुई है, लेकिन लगातार हमले के बाद उन्हें समझ आया कि कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति ही उन पर हमला कर रहा है।
चोटों के कारण उनकी नजर धुंधली हो गई और उन्हें विमान के तेजी से नीचे जाने का अहसास हुआ। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। उनके मुताबिक, उस समय उनके सामने एक ही बात थी अगर वह उठकर कुछ नहीं करते तो विमान में सवार सैंकड़ों यात्रियों की जान जा सकती थी। यूएई के अधिकारियों ने पहले ही फ्लाईदुबई घटना को आतंकवादी कृत्य की कोशिश बताया है। अभियोजक जनरल के अनुसार, को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण हासिल करने का प्रयास किया। घटना के मकसद और किसी संभावित बाहरी संबंध का पता लगाने के लिए भौतिक तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।