LPG Cylinder Crisis: मुंबई-बेंगुलरु में कमर्शियल गैस संकट,आज से होटल रहेंगे बंद, LPG महंगा होने के बाद लिया बड़ा फैसला

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 08:04 AM

commercial cylinders crisis hotels restaurants bengaluru mumbai hotels

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की चिंगारी अब भारतीय रसोई तक पहुंचती दिख रही है। देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है और हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में आज यानी 10 मार्च 2026 से होटल और...

LPG Cylinder Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की चिंगारी अब भारतीय रसोई तक पहुंचती दिख रही है। देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है और हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में आज यानी 10 मार्च 2026 से होटल और रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर आ गए हैं। इस संकट की सबसे बड़ी वजह तेल कंपनियों के पास बचा बेहद सीमित स्टॉक बताया जा रहा है।

सप्लाई चैन ठप, 2 दिन का बचा स्टॉक
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित हुई है। पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गैस एजेंसियों ने कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोक दी है। डराने वाली बात यह है कि तेल कंपनियों के पास कथित तौर पर केवल 2 दिन का गैस स्टॉक बचा है। इसका सीधा असर न सिर्फ खाने-पीने की दुकानों पर, बल्कि पुणे जैसे शहरों में शवदाह गृहों पर भी पड़ा है, जहां गैस की कमी से अंतिम संस्कार में भी मुश्किलें आ रही हैं।

बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन की चेतावनी
 बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने एक आपातकालीन नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि कमर्शियल गैस की सप्लाई अचानक बंद होना उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है। होटल मालिकों का कहना है कि उन्हें 70 दिनों तक निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब बिना गैस के खाना बनाना संभव नहीं है। चूंकि होटल 'आवश्यक सेवा' में आते हैं, इसलिए इनके बंद होने से उन लाखों छात्रों, कामकाजी लोगों और बुजुर्गों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो जाएगा जो पूरी तरह बाहर के खाने पर निर्भर हैं। एसोसिएशन ने अब केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की गुहार लगाई है।

सरकार का रुख और जमाखोरी पर लगाम
इस बढ़ते हड़कंप के बीच सरकार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है। बाजार में मची 'पैनिक बाइंग' और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि देश में गैस की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और यह कदम केवल स्टॉक के सही प्रबंधन के लिए उठाया गया है।

राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार होने के बावजूद, सरकार ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां फिलहाल बढ़ती लागत का बोझ खुद उठा रही हैं, ताकि आम जनता पर सीधा असर न पड़े। हालांकि, अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो घरों की रसोई में भी संकट गहरा सकता है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!