Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Apr, 2026 03:08 PM

मई 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। 1 मई से नए श्रम कानूनों के साथ-साथ बैंकिंग, LPG, डिजिटल पेमेंट और निवेश से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
बिजनेस डेस्कः मई 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। 1 मई से नए श्रम कानूनों के साथ-साथ बैंकिंग, LPG, डिजिटल पेमेंट और निवेश से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव
उत्तर प्रेदश सरकार 1 मई से नए लेबर कोड लागू करने जा रही है। इससे सैलरी स्ट्रक्चर, PF और काम के घंटों में बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि ये नियम धीरे-धीरे पूरे देश में लागू हो सकते हैं।
LPG सिलेंडर और बुकिंग नियम
हर महीने की तरह 1 मई को LPG सिलेंडर के नए दाम तय होंगे। पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर बदलाव संभव है। साथ ही, गैस बुकिंग के नियम सख्त हो सकते हैं, अब दो बुकिंग के बीच का अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन किया जा सकता है।

UPI और डिजिटल पेमेंट में बदलाव
आरबीआई UPI ट्रांजेक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर सकता है। इससे ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

ATM और बैंकिंग नियम
कई बैंक 1 मई से ATM से मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा घटा सकते हैं। तय सीमा से ज्यादा निकासी पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा KYC अपडेट न होने पर बैंक खाते फ्रीज किए जा सकते हैं।
बीमा और सरकारी योजनाएं
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का प्रीमियम 1 मई के बाद ऑटो-डेबिट होगा। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना में अब घर मिलने के बाद कम से कम 5 साल तक उसमें रहना जरूरी हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड और रिवॉर्ड्स
एसबीआई और ICICI Bank जैसे बैंक रिवॉर्ड पॉइंट्स और कुछ ट्रांजेक्शन चार्जेस में बदलाव कर सकते हैं, खासकर यूटिलिटी बिल और रेंट पेमेंट पर।
म्यूचुअल फंड नियम
सेबी 1 मई से नए डिस्क्लोजर नियम लागू करेगा। अब फंड हाउसों को खर्च और जोखिम से जुड़ी ज्यादा जानकारी निवेशकों को देनी होगी।