Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Apr, 2026 08:49 AM

LPG Pipeline India: मिडल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया को रसोई गैस और पैट्रोल की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं भारत सरकार रसोई गैस संकट को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। LPG की सप्लाई को सुरक्षित...
LPG PipeLine India: मिडल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया को रसोई गैस और पैट्रोल की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं भारत सरकार रसोई गैस संकट को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। LPG की सप्लाई को सुरक्षित और सस्ता बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट शुरू किया है। पेट्रोलियम बोर्ड (PNGRB) ने देश में 2,500 किलोमीटर लंबी 4 नई एलपीजी पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सड़कों से हटेंगे टैंकर, घटेगा खतरा
इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार करीब ₹12,500 करोड़ खर्च करेगी। फिलहाल, अबी के समय में गैस को रिफाइनरी से प्लांट तक बड़े ट्रकों और टैंकरों के जरिए सड़कों से ले जाया जाता है। पाइपलाइन बिछने के बाद सड़क हादसों का डर खत्म होगा। गैस की ढुलाई का खर्च कम होगा, जिससे सिस्टम बेहतर बनेगा। ट्रकों का धुआं कम होने से पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।
कौन से होंगे वो 4 खास रूट:
गैस सप्लाई को सीधा बॉटलिंग प्लांट से जोड़ने के लिए इन चार रास्तों को चुना गया है:
चेरलापल्ली से नागपुर
शिक्रापुर – हुबली से गोवा
पारादीप से रायपुर
झांसी से सितारगंज
संकट के समय मिलेगी राहत
ये पाइपलाइनें सिर्फ गैस पहुंचाने का जरिया नहीं रहेगा बल्कि ये एक स्टोरेज (भंडारण) की तरह भी काम करेंगी। अगर युद्ध या किसी और वजह से विदेशों से गैस आने में दिक्कत होती है, तो इन पाइपलाइनों में मौजूद गैस देश की जरूरतों को पूरा करने के काम आएगी। भारत अपनी जरूरत की ज्यादातर LPG बाहर से मंगाता है, ऐसे में यह कदम देश को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।