कोरोना संकट में बच्चों को पढ़ाने के लिए निकाला अनूठा तरीका, दीवारों पर चित्र बनाकर पढ़ाया जा रहा है गणित

Edited By Updated: 16 Sep, 2020 01:46 PM

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कोविड-19 के कारण स्कूलों के बंद होने और गरीब छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं तक पहुंच नहीं हो पाने के बीच महाराष्ट्र के जिला परिषद ने विद्यार्थियों को पढ़ाने का एक अनूठा तरीका निकाला है।

चंद्रपुर: कोविड-19 के कारण स्कूलों के बंद होने और गरीब छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं तक पहुंच नहीं हो पाने के बीच महाराष्ट्र के जिला परिषद ने विद्यार्थियों को पढ़ाने का एक अनूठा तरीका निकाला है। इसके लिए, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों में दीवारों पर गणित के पाठों को लिखा जा रहा है ताकि बच्चे खेल-खेल में इसे सीख सकें। चंद्रपुर जिला परिषद के मख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कार्डिले ने बताया कि अगर मिशन मैथमैक्टिस सफल हो जाता है तो अन्य विषयों में भी यह प्रयोग किया जाएगा। 

उन्होंने बताया, हम कोशिश कर रहे हैं कि छात्र घर पर अपनी पढ़ाई जारी रखें क्योंकि स्कूल बंद हैं। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में पढ़ाई का माहौल तैयार किया जा रहा है। मिशन मैथमैक्टिस के पीछे का विचार यह है कि खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाई कराई जाए। इसके अलावा, जिला परिषद के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पोम्बरना, बल्लारपुर, नगभीड और बह्मपुरी तहसील के गांवों के मुख्य चौराहों की दीवारों पर कक्षा एक से पांचवी तक पढ़ाए जाने वाले गणित के पाठों को चित्रित किया है। 

कार्डिले ने कहा, बच्चों को यह तरीका आकर्षक लग रहा है और वे अपने दोस्तों के साथ खेल-खेल में गणित सीख भी रहे हैं। मिशन का मकसद उन्हें गणित की विभिन्न अवधारणाओं को समझाना है तथा विषय में उनकी रुची बनानी है। साथ में ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई का माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि घोसरी गांव में जिला परिषद के स्कूल के पूर्व छात्र अक्षय वाकुलकर अब इंजीनियर हो गए हैं और उन्होंने ही पहली बार अपने गांव में मिशन मैथमैटिक्स शुरू किया था।

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