Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Mar, 2026 09:53 AM

राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब अकबर रोड और रायसीना रोड स्थित उसके कार्यालयों को बेदखली नोटिस जारी किया गया। यह नोटिस पार्टी के आधिकारिक परिसरों से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई के तहत दिया गया है।
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रीय राजधानी में अपने दो प्रमुख कार्यालय खाली करने का नोटिस जारी किया गया है, जिससे सियासी हलकों में नई हलचल मच गई है। पार्टी के 24 अकबर रोड स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय और 5 रायसीना रोड स्थित एक अन्य महत्वपूर्ण दफ्तर को खाली करने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इन परिसरों को 28 मार्च तक खाली करने की अंतिम तिथि तय की गई है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पुष्टि की है कि यह नोटिस कुछ दिन पहले ही प्राप्त हुआ था, जिससे पार्टी के पास प्रतिक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सीमित समय बचा है।
पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर चिंता बढ़ गई है और नेताओं का कहना है कि मौजूदा स्थिति पहले की तुलना में अधिक गंभीर है। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, Indian National Congress फिलहाल यह भी देख रही है कि क्या सरकार से कुछ समय की मोहलत ली जा सकती है, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।
इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि पार्टी किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा में भेजकर उनके नाम पर आवास आवंटित कराने की कोशिश कर सकती है, जिससे कार्यालय संचालन जारी रखा जा सके। हालांकि इसके लिए समय बहुत सीमित बताया जा रहा है।
Delhi के 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित ये कार्यालय लंबे समय से पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और रणनीतिक बैठकों का केंद्र रहे हैं। ऐसे में इनके खाली होने का निर्णय कांग्रेस के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है।