Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 Mar, 2026 07:29 AM

Ashtami And Navami 2026 Date: चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी और नवमी को लेकर भ्रम, जानें विद्वानों के अनुसार किस दिन करना चाहिए कन्या पूजन और राम नवमी पूजा
Ashtami And Navami 2026 Date: चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन दोनों दिनों पर श्रद्धालु कन्या पूजन कर व्रत का पारण करते हैं और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी को भी धूमधाम से मनाते हैं। लेकिन वर्ष 2026 में अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं, इन दोनों तिथियों की सही तारीख और पूजा का उचित समय—

क्या अष्टमी और नवमी एक ही दिन है?
इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार नवरात्रि की अष्टमी और नवमी एक ही दिन यानी 26 मार्च 2026 को पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी कारण कई विद्वान और ज्योतिषाचार्य दोनों पर्व 26 मार्च को ही मनाना उचित मान रहे हैं।

नवरात्रि अष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
तारीख: 26 मार्च 2026
पूजा मुहूर्त: सुबह 06:16 बजे से 07:48 बजे तक
इस समय मां माता दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है।
नवरात्रि नवमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
तारीख: 26 मार्च 2026
राम नवमी पूजा मुहूर्त: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 01:41 बजे तक
मध्याह्न क्षण: दोपहर 12:27 बजे
धार्मिक मान्यता के अनुसार राम नवमी पर मध्याह्न काल का विशेष महत्व होता है, इसलिए 26 मार्च को ही पूजा करना अधिक शुभ माना जा रहा है।

27 मार्च 2026 को राम नवमी
कुछ श्रद्धालु उदया तिथि के आधार पर 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाएंगे।
पूजा मुहूर्त: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 01:41 बजे तक
हालांकि, विद्वानों के अनुसार 26 मार्च को ही नवमी मनाना अधिक शास्त्र सम्मत और फलदायी माना गया है।
क्यों है यह कन्फ्यूजन?
यह भ्रम तिथि के परिवर्तन समय के कारण उत्पन्न होता है। जब एक तिथि दिन के मध्य में समाप्त होकर दूसरी शुरू हो जाती है, तो पर्व मनाने को लेकर मतभेद हो जाते हैं। इस वर्ष भी अष्टमी और नवमी के बीच यही स्थिति बन रही है, जिससे लोग असमंजस में हैं। चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां 26 मार्च को पड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसी दिन कन्या पूजन और राम नवमी मनाना अधिक शुभ रहेगा। हालांकि, उदया तिथि मानने वाले श्रद्धालु 27 मार्च को भी नवमी मना सकते हैं।
