ईरान जंग का असरः एशिया में परमाणु ऊर्जा की दौड़ तेज, वियतनाम-रूस के बीच हुई बड़ी न्यूक्लियर डील

Edited By Updated: 24 Mar, 2026 05:21 PM

vietnam and russia advance nuclear power deal as energy security concerns

वियतनाम और रूस ने न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने का समझौता किया है। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और प्रदूषण घटाने के लिए उठाया गया है। ईरान युद्ध के बाद बढ़े ऊर्जा संकट ने इस फैसले को और जरूरी बना दिया है।

International Desk: वियतनाम और रूस ने मिलकर एक बड़ा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया है। इस समझौते के तहत वियतनाम में “निन्ह थुआन-1” नाम का परमाणु बिजली संयंत्र बनाया जाएगा। यह डील वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की मॉस्को यात्रा के दौरान हुई, जहां उन्होंने रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन से मुलाकात की।इस प्रोजेक्ट के तहत दो परमाणु रिएक्टर बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 2400 मेगावाट होगी। यह प्लांट रूस की आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा।दरअसल, वियतनाम ने 2016 में सुरक्षा और लागत के कारण अपने पुराने न्यूक्लियर प्रोजेक्ट रोक दिए थे। लेकिन अब बढ़ती बिजली की जरूरत और ऊर्जा सुरक्षा के कारण उसने फिर से इस दिशा में कदम बढ़ाया है।

 

ईरान में चल रहे युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट ने भी इस फैसले को तेज कर दिया है। तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से कई देश अब स्थायी और सस्ती ऊर्जा के विकल्प तलाश रहे हैं। न्यूक्लियर ऊर्जा को कोयला और तेल की तुलना में ज्यादा साफ माना जाता है, क्योंकि इससे ग्रीनहाउस गैसें कम निकलती हैं। साथ ही, नई तकनीक के कारण अब परमाणु संयंत्र पहले से ज्यादा सुरक्षित और किफायती हो गए हैं। वियतनाम का लक्ष्य 2050 तक एक मजबूत और विकसित अर्थव्यवस्था बनना है। इस न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, दोनों देशों ने तेल-गैस, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है। वियतनाम और रूस के संबंध पुराने हैं, लेकिन व्यापार अभी भी सीमित है।

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