Edited By Tanuja,Updated: 24 Mar, 2026 05:03 PM

ईरान ने मोहम्मद बाघेर ज़ोलघदर को नया सुरक्षा प्रमुख नियुक्त किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने हमले टाले, जबकि भारत ने अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा बढ़ाई। मिडिल ईस्ट संकट के बीच कूटनीति और तनाव दोनों जारी हैं।
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान में बड़ा नेतृत्व बदलाव हुआ है। ईरान ने मोहम्मद बाघेर ज़ोलघदर को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने अली लारिजानी की जगह ली है, जिनकी हाल ही में हमले में मौत हो गई थी। इस बदलाव को ईरान की सुरक्षा रणनीति में बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश युद्ध और हमलों का सामना कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इजरायल ने इस पर संदेह जताया है।
भारत भी इस पूरे संकट को लेकर सतर्क है। नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा कि देश के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार हैं और सप्लाई बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। सरकार ने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टैक्स लगाने की खबरें गलत हैं। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत वहां फ्री नेविगेशन (आवागमन की आजादी) लागू है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी सरकार सक्रिय है। इजरायल और खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों से यात्रा की व्यवस्था की जा रही है, जैसे जॉर्डन और सऊदी अरब के जरिए। इस बीच, एक और अहम जानकारी सामने आई है कि फारस की खाड़ी में अभी भी 20 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें करीब 540 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार इन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम कर रही है।