दुनिया में फिर बढ़ी कोरोना की चिंता, अमेरिका समेत कई देशों में केस बढ़े

Edited By Updated: 26 Mar, 2026 05:24 PM

covid cases rising again across countries including usa

कोरोना वायरस के मामले भले ही अब पहले जैसे नहीं रहे हों, लेकिन एक बार फिर दुनियाभर में इसे लेकर चिंता बढ़ने लगी है। SARS-CoV-2 का BA.3.2 वेरिएंट धीरे-धीरे अमेरिका सहित कई देशों में फैल रहा है। अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुसार, यह वेरिएंट अब...

नेशनल डेस्क: कोरोना वायरस के मामले भले ही अब पहले जैसे नहीं रहे हों, लेकिन एक बार फिर दुनियाभर में इसे लेकर चिंता बढ़ने लगी है। SARS-CoV-2 का BA.3.2 वेरिएंट धीरे-धीरे अमेरिका सहित कई देशों में फैल रहा है। अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुसार, यह वेरिएंट अब तक 23 देशों में सामने आ चुका है। मार्च 2026 तक अमेरिका में इस वेरिएंट के मामले कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और कई राज्यों में दर्ज किए गए हैं। ट्रैवलर-आधारित जीनोमिक निगरानी के जरिए इसे लगातार ट्रैक किया जा रहा है और इसके केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।

पुराना वेरिएंट, लेकिन फिर बढ़ी सक्रियता
BA.3.2 वेरिएंट कोई बिल्कुल नया नहीं है। इसके मामले करीब दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आए थे, जिसके बाद यह धीरे-धीरे कम हो गया था। अब एक बार फिर अमेरिका और अन्य देशों में इसके केस बढ़ने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

स्पाइक प्रोटीन में कई बदलाव, बढ़ी चिंता
इस वेरिएंट को लेकर चिंता की एक बड़ी वजह इसके स्पाइक प्रोटीन में हुए बदलाव हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसमें लगभग 75 म्यूटेशन हो चुके हैं। इसका मतलब है कि यह वायरस खुद को तेजी से बदलने की क्षमता रखता है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि मौजूदा वैक्सीन का असर इस पर थोड़ा कम हो सकता है, हालांकि इस पर अभी और अध्ययन जारी है।

तेजी से फैलने वाला, लेकिन लक्षण हल्के
BA.3.2 वेरिएंट की खास बात यह है कि यह शरीर की इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता रखता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक इसके लक्षण गंभीर नहीं पाए गए हैं। अधिकतर मामलों में हल्के लक्षण ही देखने को मिले हैं, लेकिन इसकी फैलने की रफ्तार ज्यादा बताई जा रही है। यही कारण है कि आने वाले समय में केस बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

यूरोप में भी दिख चुका है असर
यह वेरिएंट पहले यूरोप में भी फैल चुका है। पिछले साल वहां कोविड के कुल मामलों में करीब 35 प्रतिशत केस इसी वेरिएंट के थे। डेनमार्क और नीदरलैंड्स जैसे देशों में इसके कई मामले सामने आए थे। हालांकि वहां भी मरीजों में लक्षण हल्के ही रहे, लेकिन संक्रमण तेजी से फैला था।

भारत में क्या है स्थिति?
भारत में फिलहाल इस वेरिएंट को लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभी तक देश में इसका कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है। भारत में अधिकांश लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और अब कोविड के लक्षण आम फ्लू जैसे ही रह गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।

सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय
हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन बदलते वेरिएंट को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना, हाथ साफ रखना और जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करना अभी भी जरूरी है।कुल मिलाकर, दुनिया के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन भारत में स्थिति अभी सामान्य है। फिर भी सतर्कता ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!