Edited By ,Updated: 04 Apr, 2017 08:15 PM

राज्य सरकारें दुधारू पशुओं की चोरी और तस्करी पर रोक लगाने के लिए अब जानवरों का भी आधार कार्ड बनाने पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली: राज्य सरकारें दुधारू पशुओं की चोरी और तस्करी पर रोक लगाने के लिए अब जानवरों का भी आधार कार्ड बनाने पर विचार कर रही है। इसकी पहल सबसे पहले उत्तराखंड ने की है। हालांकि, इस योजना को अमली जामा कैसे पहनाया जाए। इसपर अभी सरकार विचार कर रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ तकनीकी खामियां आ रही है लेकिन उसे भी जल्दी ही राय-मशविरा लेकर सुलझा लिया जाएगा। सरकार सभी पशुओं का आधार कार्ड बनवाने पर विचार कर रही है। लेकिन सबसे पहले गाय, भैंस का आधार कार्ड बनवाया जाएगा।
इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि जानवरों का रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी। साथ ही इन जानवरों की बीमारियों से बचाने के संबंध में भी कामयाबी मिलेगी। संभव ये भी है कि इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए कुछ टीम को उत्तराखंड भेजा जाए और इस योजना की पूरी जानकारी हासिल की जाए। फिलहाल, इसकी जिम्मेदारी राज्य पशुधन को सौंपी गई है। इसकी देख-रेख नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड करेगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो जानवरों का आधार कार्ड बनवाने का काम जुलाई के दूसरे हफ्ते से शुरू हो जाएगा।