दिल्ली में ड्रग्स पर सख्ती: एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन, तस्करी पर लगेगी लगाम

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 12:15 PM

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Delhi News: दिल्ली में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में तेज़ बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। ड्रग तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए एक विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है।

Delhi News: दिल्ली में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में तेज़ बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। ड्रग तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए एक विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है।

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन
राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में नशीले पदार्थों (ड्रग्स) से जुड़े मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक नई विशेष यूनिट एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) बनाई है, जिसका मुख्य उद्देश्य ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह यूनिट खुफिया जानकारी के आधार पर काम करेगी। इसका फोकस सीमाओं से होने वाली ड्रग्स की सप्लाई पर नजर रखना और बड़े तस्करों (किंगपिन) तक पहुंचना होगा। यह यूनिट हेरोइन, कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने का काम करेगी, ताकि ये पदार्थ दिल्ली की सड़कों तक न पहुंच सकें।

टास्क फोर्स के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 भी जारी
यह नई टीम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर भी काम करेगी। इससे जानकारी साझा करने और बड़ी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इस टास्क फोर्स के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 भी जारी किया गया है। ANTF को पहले 2022 में एक छोटे यूनिट के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे बड़ा रूप दिया जा रहा है। पहले इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 200 से ज्यादा स्टाफ किया जाएगा। इसमें क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और जिला पुलिस के अनुभवी अधिकारी शामिल होंगे।

ANTF के पास खुद का पुलिस स्टेशन भी होगा
इस यूनिट का नेतृत्व एक स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस करेंगे। इसके अलावा इसमें जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी होंगे। ANTF के पास खुद का पुलिस स्टेशन भी होगा, जहां एफआईआर दर्ज की जा सकेगी। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2011 में ड्रग्स से जुड़े 566 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 तक बढ़कर करीब 2,154 हो गए। खासकर पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।

पिछले साल पुलिस ने कई बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। इनमें 2024 में करीब 13,000 करोड़ रुपये का ड्रग नेटवर्क भी शामिल है। इस दौरान महिपालपुर, रमेश नगर और गुजरात के अंकलेश्वर से भारी मात्रा में कोकीन बरामद की गई और 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार और गृह मंत्रालय भी पूरे देश में ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दे रहे हैं। ANTF के गठन से दिल्ली में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने की उम्मीद है।

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