दिल्ली में 1 जुलाई से नई EV पॉलिसी होगी लागू, CM रेखा गुप्ता ने किया ऐलान

Edited By Updated: 29 Jun, 2026 06:01 PM

crackdown on pollution registration of new petrol and cng two wheelers stopped

दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-30 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि नई नीति 1 जुलाई से लागू होगी। सरकार का...

नई दिल्लीः दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-30 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि नई नीति 1 जुलाई से लागू होगी। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है। राजधानी के कुल वायु प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 23 प्रतिशत है।

नई नीति के तहत चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और CNG वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन बंद किए जाएंगे। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का ही पंजीकरण किया जा सकेगा।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेगी भारी सब्सिडी और छूट

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई प्रोत्साहनों की घोषणा की है। 30 लाख रुपए तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली नई इलेक्ट्रिक कारों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर पहले वर्ष 30,000 रुपए, दूसरे वर्ष 20,000 रुपए और तीसरे वर्ष 10,000 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी।

थ्री-व्हीलर और कमर्शियल गाड़ियों के लिए भी बड़े ऐलान

इसी तरह, जो लोग इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदेंगे, उन्हें भी सरकार की तरफ से बढ़िया आर्थिक मदद मिलेगी। ई-थ्री-व्हीलर खरीदारों को पहले साल में 50,000 रुपए, दूसरे साल में 40,000 रुपए और तीसरे साल में 30,000 रुपए का इंसेंटिव मिलेगा। कमर्शियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एन1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को खरीदने पर सरकार की तरफ से 1 लाख रुपए तक का खरीद इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके अलावा, पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए भी एक बड़ा एलान किया गया है। अगर कोई व्यक्ति अपनी बीएस-4 या उससे नीचे के स्टैंडर्ड वाली चार पहिया गाड़ी को स्क्रैप यानी कबाड़ में देकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे 1 लाख रुपए का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।

हाइब्रिड गाड़ियों को कोई मदद नहीं और इंप्लीमेंटेशन का तरीका

सरकार ने इस नीति में पूरी तरह साफ कर दिया है कि हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं दी जाएगी। सरकार का पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ पूरी तरह से बिजली से चलने वाले वाहनों पर ही रहेगा। इस पूरी पॉलिसी के सही इंप्लीमेंटेशन और सब्सिडी की प्रोसेस को आसान बनाने के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस पोर्टल की मदद से आवेदक सब्सिडी और इंसेंटिव के लिए घर बैठे आसानी से अप्लाई कर सकेंगे। इसके साथ ही, सरकार दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर्स की संख्या को भी बहुत तेजी से बढ़ाने जा रही है।

अगले चार साल में होगा भारी इनवेस्टमेंट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नई पॉलिसी के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने और गाड़ियों के प्रदूषण को कम करने के लिए अगले चार साल के दौरान लगभग 15,000 करोड़ रुपए का भारी इनवेस्टमेंट किया जाएगा। यह नई पॉलिसी दिल्ली की साल 2020 में आई पहली ईवी पॉलिसी की नींव पर बनाई गई है, जिसका तीन साल का समय अगस्त 2023 में पूरा हो गया था और तब से उसे आगे बढ़ाया जा रहा था।

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