Edited By Ramkesh,Updated: 12 Apr, 2026 02:58 PM

मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर फिल्म जगत से लेकर राजनीति हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है। इसी कड़ी देश के प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम ने कहा आशा भोसले की दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी...
नेशनल डेस्क: मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर फिल्म जगत से लेकर राजनीति हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है। इसी कड़ी देश के प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम ने कहा आशा भोसले की दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ है। आशा भोसले पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में हमेशा गूंजते रहेंगे। भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी प्रतिभा की धनी शख्सियतों में से एक, आशा भोसले के निधन से अत्यंत दुखी हूं।
92 साल की उम्र ली अंतिम सांस
आप को बता दें कि मशहूर गायिका आशा भोसले का रविवार को यहां ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र 92 साल थी और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थता के कारण उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है।
अंतिम दर्शन के लिए कल उनके आवास पर रखा जायेगा पार्थिव शरीर
उन्होंने बताया कि भोसले का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ कल सुबह 11 बजे उनके आवास पर रखा जायेगा और अपराह्न चार बजे शिवाजी पाकर् में उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। भोसले को शनिवार शाम छाती में संक्रमण और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा था, 'मेरी दादी, आशा भोसले, बहुत कमजोरी और छाती में संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। हम आपसे उनकी निजता का सम्मान बनाए रखने की अपील करते हैं।
दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित भोसले
पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित भोसले 50, 60 और 70 के दशक के बॉलीवुड के संगीत के सुनहरे दौर की आखिरी जीवित हस्ती थीं। इस दौर में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार, मुकेश, मन्ना डे और खुद भोसले जैसी हस्तियां शामिल थीं। वह अपनी सुरीली आवाज़ और बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर थीं। उन्होंने फ़ल्मिी संगीत, पॉप, ग़ज़ल, भजन, पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, क़व्वाली और रवींद्र संगीत जैसे कई अलग-अलग तरह के संगीत में अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने 20 से ज़्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं।