Edited By Mehak,Updated: 08 Apr, 2026 01:02 PM

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और नोएडा के एक अस्पताल में उनका निधन हुआ। किदवई ने राजीव गांधी सरकार में स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास...
नेशनल डेस्क : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया और पार्टी एवं देश के लिए बड़ी क्षति बताया। किदवई के परिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्होंने बुधवार तड़के करीब चार बजे नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और कुछ दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिवार में मोहसिना किदवई की तीन बेटियां हैं। आज शाम पांच बजे दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित कब्रस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खरगे ने उनके निधन पर दुख जताते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, "कांग्रेस पार्टी की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मोहसिना किदवई के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने अपने जीवन के छह दशक देश की सेवा में समर्पित कर दिए।" उन्होंने कहा, "वह लोकसभा और राज्यसभा दोनों की लंबे समय तक सदस्य और कई वर्षों तक कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य रहीं, वह पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी एक मार्गदर्शक बनी रहीं।" खरगे ने कहा कि किदवई का निधन कांग्रेस पार्टी और देश के लिए एक गहरी क्षति है।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। वह कांग्रेस पार्टी की एक अत्यंत वरिष्ठ और वफादार नेता थीं, जिनका पूरा जीवन जनसेवा का उदाहरण रहा है।" उनका कहा कि मोहसिना किदवई ने अपनी सादगी, सौम्यता और गरिमायी राजनीतिक यात्रा से देश में महिलाओं की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, " दुख की इस घड़ी में मैं शोकाकुल परिजनों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।"
किदवई राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास मंत्री रहीं। वह कई बार सांसद, कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य और पार्टी संगठन में कई अन्य पदों पर रहीं। वह 1960 और 1970 के दशक में उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद की भी सदस्य रहीं। वह उत्तर प्रदेश की कई कांग्रेस सरकारों में मंत्री भी रहीं। मोहसिना किदवई का राष्ट्रीय राजनीति में आगमन 1978 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव में जीत से हुआ। आपातकाल और कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद इस उपचुनाव में जीत ने न सिर्फ किदवई को राष्ट्रीय राजनीति के अर्श पर पहुंचा दिया था, बल्कि कांग्रेस में नयी जान फूंक दी थी।