Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Jul, 2026 02:39 PM

Delhi Bus Service: 1 अगस्त से दिल्ली में 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के बिना महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ़्त नहीं होगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 1 अगस्त से महिला यात्री दिल्ली में मुफ़्त बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी, क्योंकि सरकार ने इस...
Delhi Bus Service: 1 अगस्त से दिल्ली में 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के बिना महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ़्त नहीं होगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 1 अगस्त से महिला यात्री दिल्ली में मुफ़्त बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी, क्योंकि सरकार ने इस यात्रा के लिए 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड ज़रूरी कर दिया है।
महिला यात्रियों द्वाराPink Saheli Smart Card को धीरे-धीरे अपनाने पर चिंता जताते हुए, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपनी बसों में एक विशेष अभियान भी शुरू किया है, जिसमें महिलाओं को कार्ड लेने की सलाह दी जा रही है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बिना Pink Saheli Card के देना होगा बस किराया
DTC ने अपने आदेश में कहा, "1 अगस्त से, पिंक टिकट केवल उन महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे जिनके पास वैध 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड होगा; उन्हें बस में चढ़ते समय इसे टैप करना होगा। ये यात्री योजना की शर्तों के अनुसार मुफ़्त बस सेवा का लाभ उठाना जारी रखेंगी।" अधिकारियों के अनुसार, मुफ़्त बस यात्रा का लाभ उठाने के लिए मौजूदा कागज़ी पिंक टिकट को धीरे-धीरे खत्म करने और स्मार्ट कार्ड-आधारित सिस्टम अपनाने का फ़ैसला किया गया है।
महिलाओं को कार्ड बनवाने के लिए DTC चला रहा अभियान
आदेश में कहा गया है, "1 अगस्त से, जिन महिला यात्रियों के पास 'पिंक सहेली' कार्ड नहीं होगा, उन्हें पिंक टिकट जारी नहीं किए जाएंगे और उन्हें DTC और DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करने के लिए लागू किराया देकर सामान्य टिकट खरीदना होगा।"
13 लाख कार्ड जारी करने का लक्ष्य
आदेश में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने Pink Saheli Smart Card जारी करने की सुविधा के लिए शहर भर में 50 अधिकृत केंद्र बनाए हैं। इसमें आगे कहा गया, "इस योजना के तहत सभी पात्र महिलाएं परिवहन विभाग और DTC द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार अधिसूचित केंद्रों और काउंटरों से Pink Saheli Smart Card प्राप्त कर सकती हैं।" अब तक शहर भर में लगभग 11 लाख कार्ड बांटे जा चुके हैं और सरकार का लक्ष्य जुलाई के अंत तक इस संख्या को बढ़ाकर 13 लाख करना है, जिसके बाद कार्ड अनिवार्य कर दिया जाएगा।