Edited By Mansa Devi,Updated: 14 Mar, 2026 03:58 PM

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को घोषणा की दिल्ली सरकार शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का नाम बदलने की योजना बना रही है।
नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को घोषणा की दिल्ली सरकार शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का नाम बदलने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में SRDC बोर्ड की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के समग्र विकास और पुनर्विकास पर चर्चा की गई।
नाम परिवर्तन पर चर्चा और प्रस्ताव तैयार
बैठक में SRDC के नाम बदलने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया गया। तय किया गया कि प्राथमिकता के आधार पर तीन नए नामों के विकल्प तैयार किए जाएंगे, जिनमें से बाद में फाइनल नाम को चुना जाएगा।

चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा
बैठक में चांदनी चौक परियोजना का भी विश्लेषण किया गया, जो दिगंबर लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक फैली है। सरकार ने इस परियोजना की प्रगति, लागत और कार्यान्वयन के पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब SRDC के व्यापक पुनर्गठन और पुनरुद्धार का समय आ गया है।
लागत वृद्धि और पिछली सरकार पर सवाल
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि 2018 में लगभग 65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुई परियोजना बाद में बढ़कर 148 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वृद्धि में मंजूरी और प्रक्रिया के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।

विकास के नाम पर भ्रष्टाचार की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से संकेत मिलते हैं कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने बताया कि तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष और कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इन अनियमितताओं की गहन जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ऐतिहासिक टाउन हॉल को धरोहर स्मारक में बदला जाएगा
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ऐतिहासिक टाउन हॉल को पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा।
नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत
दिल्ली सरकार ने इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 160 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद के पुनर्विकास को तेज करना और स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।