Edited By Radhika,Updated: 30 Apr, 2026 12:32 PM

दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। इसके अनुसार अब दिल्ली की सीमाओं में एंट्री करने वाले कमर्शियल वाहनों को भारी एनवायरमेंटल कंपनसेशन चार्ज (ECC) देना होगा। इस चार्ज का मकसद पुराने डीजल ट्रकों और अधिक प्रदूषण...
ECC Rate Hike: दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। इसके अनुसार अब दिल्ली की सीमाओं में एंट्री करने वाले कमर्शियल वाहनों को भारी एनवायरमेंटल कंपनसेशन चार्ज (ECC) देना होगा। इस चार्ज का मकसद पुराने डीजल ट्रकों और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही को कंट्रोल करना है।
अब हर साल बढ़ेगा टैक्स
इस नए फैसले को लेकर सरकार ने Automatic System लागू कर दिया है। यानि की अब से हर साल के अप्रैल महीने में ECC की दरों में 5% की जरुरी बढ़ोतरी की जाएगी। इसका मकसद है कि समय के साथ इस शुल्क का प्रभाव कम न हो और ट्रांसपोर्ट कंपनियां धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक या क्लीन फ्यूल (जैसे CNG/LNG) की ओर रुख करें।

नया रेट चार्ज
सरकार ने वाहनों की क्षमता के आधार पर टैक्स में भारी इजाफा किया है:
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वाहन की श्रेणी
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पुराना शुल्क (₹)
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नया शुल्क (₹)
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कुल बढ़ोतरी (₹)
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कैटेगरी 2 & 3 (हल्के कमर्शियल वाहन & 2-एक्सल ट्रक)
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1,400
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2,000
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600
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कैटेगरी 4 & 5 (3-एक्सल & भारी ट्रक)
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2,600
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4,000
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1,400
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सरकार और न्यायपालिका का रुख
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, यह कदम केवल रेवेन्यू जुटाने के लिए नहीं ब्लकि दिल्ली की हवा को साफ करके सांस लेने के योग्य बनाना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर अब अनावश्यक वाहनों के धुएं का बोझ नहीं सह सकता। सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा प्रशासन ने सुझाव देते हुए कहा कि जो हैवी व्हीकल्स जरुरी सामान जैसे दूध, सब्जी या दवाइयां आदि लेने के लिए नहीं ला रहे वे शहर के बाहरी ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करें।
नए रुल को लागू करने का कारण
सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाले 'क्लीन एयर अभियान' के तहत यह समीक्षा की गई कि 2015 में लागू किए गए पुराने रेट अब अप्रभावी हो चुके थे। महंगाई के दौर में कम शुल्क होने के कारण ट्रक चालक वैकल्पिक रास्तों के बजाय दिल्ली के अंदर से गुजरना पसंद करते थे, जिससे प्रदूषण और जाम दोनों बढ़ते थे।