Edited By Mansa Devi,Updated: 11 Apr, 2026 09:07 AM

दिल्ली में काम करने वाले गिग वर्कर्स, दिहाड़ी मजदूरों और झुग्गी में रहने वाले परिवारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने कई नई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य इन लोगों को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्रदान करना है।
नेशनल डेस्क: दिल्ली में काम करने वाले गिग वर्कर्स, दिहाड़ी मजदूरों और झुग्गी में रहने वाले परिवारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने कई नई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य इन लोगों को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 35वीं बैठक में यह तय किया गया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में गिग वर्कर्स और श्रमिकों के लिए विशेष रेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे।
इन रेस्ट सेंटरों में काम के दौरान लोग आराम कर सकेंगे। खास बात यह है कि इन केंद्रों को अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा, ताकि श्रमिकों को एक ही जगह पर आराम के साथ सस्ता और पौष्टिक भोजन भी मिल सके। सरकार ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्थानों की पहचान जल्द की जाए, जहां ये सुविधाएं शुरू की जा सकें। साथ ही इन जगहों पर जरूरी सुविधाएं जैसे शौचालय और यूरिनल भी बनाए जाएंगे।
717 परिवारों को मिलेगा पक्का घर
झुग्गी में रहने वाले परिवारों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सावदा-घेवरा इलाके में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में 717 परिवारों को घर देने का फैसला लिया गया है। इनमें 528 ऐसे परिवार हैं जो सभी मानकों पर खरे उतरते हैं, जबकि 189 परिवार अन्य श्रेणी में रखे गए हैं। ये परिवार अलग-अलग झुग्गी बस्तियों से आते हैं और लंबे समय से पक्के मकान का इंतजार कर रहे थे।
बुनियादी ढांचे को किया जाएगा मजबूत
इसके अलावा सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। अटल कैंटीन के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों तक सस्ता भोजन पहुंच सके। सुल्तानपुरी क्षेत्र में बने 1060 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की मरम्मत भी कराई जाएगी, जिससे वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए बड़ा फैसला
विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है। डूसिब के सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा को 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे परियोजनाओं में देरी कम होगी और काम तेजी से पूरा हो सकेगा। साथ ही शेल्टर होम्स का संचालन करने वाली एजेंसियों का कार्यकाल भी बढ़ाया गया है, ताकि सेवाएं लगातार जारी रह सकें और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।